बरेली: रिंग रोड के लिए 37 गांवों का गजट, भूमि अर्जन शुरू
बरेली, अमृत विचार। नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल की पहल के बाद आउटर रिंग रोड का निर्माण कराने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक ऐसी फाइल दौड़ी कि तीन साल से कागजों में दबा यह रिंग रोड केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की प्राथमिकता में शामिल हो गया। बरेली शहर से …
बरेली, अमृत विचार। नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव सूचना नवनीत सहगल की पहल के बाद आउटर रिंग रोड का निर्माण कराने के लिए लखनऊ से लेकर दिल्ली तक ऐसी फाइल दौड़ी कि तीन साल से कागजों में दबा यह रिंग रोड केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की प्राथमिकता में शामिल हो गया। बरेली शहर से जाम की समस्या दूर करने, दिल्ली से लखनऊ और लखनऊ से दिल्ली जाने वाले ट्रैफिक को शहर के बाहर से गुजारने के लिए ही रिंग रोड का निर्माण कराया जा रहा है।
एनएचएआई के मुरादाबाद व आगरा के अधिकारियों के ज्वाइंट सर्वे की रिपोर्ट पर सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने उन गांवों का गजट जारी कर दिया, जहां से रिंग रोड बनाने के लिए भूमि अर्जन की जाएगी। सदर तहसील, मीरगंज और फरीदपुर तहसीलों के 37 गांवों की भूमि अर्जन करने की कार्रवाई शुरू कर दी गयी है। गजट के अनुसार करीब 20 किलोमीटर रिंग रोड की लंबाई होगी। रिंग रोड चार लेन का बनेगा। गजट में इसका भी उल्लेख किया गया है।
पहले करीब 40 किलोमीटर लंबाई रखने की बात भी सामने आयी थी। बताते हैं कि विधानसभा चुनाव 2022 की अधिसूचना जारी होने से पहले दिल्ली-बदायूं-लखनऊ रोड को जोड़ने वाले इस रिंग रोड का निर्माण शुरू हो जाएगा। रिंग रोड झुमका तिराहे से चौबारी और यहां से इन्वर्टिस चौराहे तक बनेगा।
ये गांव हैं, जिनका भारत सरकार ने गजट जारी किया
मीरगंज तहसील के रहपुरा जागीर, रफियाबाद, ठिरिया ठाकुरान, चंद्रपुर काजियान, चंद्रपुर जोगियान शामिल किए गए हैं। सदर तहसील के माधौपुर माफी, रूकमपुर, धंतिया, रसूला चौधरी, बल्ला कोठा, बादशाह नगर, किशौपुर, फरीदापुर रामचरन, जोगीठेर, बहजुईया जागीर, मुर्शिदाबाद, आजमपुर मुस्तकिल, बलरऊ, दौली रघुवर दयाल, सहसिया हुसैनपुर एन, सहसिया हुसैनपुर मुस्तकिल, सराय तलफी मोहल्ला, महगवां उर्फ ऊंचा गांव, इटौआ सुखदेवपुर, बिरिया मुस्तकिल, बेहटी देहा जागीर, रोधी मोहल्ला, महेशपुर ठाकुरान, चौबारी मोहल्ला, बारी नगला, करेली, करगैना, अंगुरी, चौबारी ऐ, बुखारा शामिल हैं। फरीदपुर का एक मात्र मिर्जापुर गांव रिंग रोड में शामिल किया गया है।
गजट का नाम सुन जनप्रतिनिधियों के तेवर पड़े थे ढीले
रिंग रोड को लेकर बुधवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में बैठक हुई थी जिसमें कई विधायकों ने आपत्तियां लगायीं। मनमर्जी से रिंग रोड का नक्शा बदलने व रबर फैक्ट्री से प्रस्तावित न करते हुए झुमका तिराहे से प्रस्तावित करने पर भी सवाल उठाए थे। विधायक मीरगंज डीसी वर्मा की एनएचएआई के अधिकारियों से काफी बहसबाजी भी हुई थी। मुरादाबाद के पीडी वीके बंसल ने बताया कि रिंग रोड में आने वाले गांवों का गजट हो चुका है। बदलाव की गुंजाइश नहीं है। तब जनप्रतिनिधियों के तेवर ढीले पड़ गए थे। रिंग रोड करीब 12 सौ करोड़ रुपए की लागत से बनाने की बात सामने आयी है।
नवनीत सहगल ने दिसंबर, 2020 में निकलवाई थी रिंग रोड की फाइल
28 दिसंबर, 2020 को नोडल अधिकारी एवं अपर मुख्य सचिव, सूचना, खादी ग्रामोद्योग, सूक्ष्म एवं लघु उद्योग नवनीत सहगल बरेली आए थे। विकास कार्यों की समीक्षा की। तब उन्होंने आउटर रिंग रोड की फाइल निकलवाई और नए सिरे से प्रस्ताव तैयार करवाया था। इसके बाद इसकी फाइल तेजी से दौड़ी।
रिंग रोड को लेकर गजट जारी हो गया है। 37 गांवों की भूमि अधिग्रहण करने की कार्रवाई शुरू होगी। बुधवार को हुई बैठक में विधायक डीसी वर्मा ने कुछ आपत्तियां लगायी थीं। यदि वह लिखकर देते हैं तो उच्चाधिकारियों तक मामला पहुंचाया जाएगा। वैसे गांवों का गजट जारी होने के बाद बदलाव की गुंजाइश भी खत्म दिख रही है। -मनोज कुमार पांडेय, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व।
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