यूपी: सरकारी विद्यालयों में लापरवाही, कई जिलो में नहीं शुरू हो सका किताब वितरण

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली निशुल्क किताबों के वितरण में लापरवाही की जा रही है। ये शिकायत करीब 40 जिलो में हैं। इस संबंध में कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से पाठ्य पुस्तक अधिकारी श्याम किशोर तिवारी ने लापरवाही की …

लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक जूनियर विद्यालयों में पढ़ने वाले बच्चों को दी जाने वाली निशुल्क किताबों के वितरण में लापरवाही की जा रही है। ये शिकायत करीब 40 जिलो में हैं। इस संबंध में कई जिलों के बेसिक शिक्षा अधिकारियों से पाठ्य पुस्तक अधिकारी श्याम किशोर तिवारी ने लापरवाही की वजह भी पूछी है। साथ ही दिशा निर्देश दिया भी दिया गया है कि किताबों का वितरण शुरू कराया जा ताकि बच्चों को समय से किताबें मिल सके और घर पर रहकर पढ़ाई भी कर सकेंगे। दरअसल मौजूदा समय में कोरोना काल में बच्चों को स्कूल नहीं बुलाया जा रहा है, ऐसे में कई ऐसे बच्चे हैं जिनके पर ​आनलाइन शिक्षा के लिए मोबाइल व इंटरनेट की व्यवस्था नहीं है, ऐसे में अधिकारियों का कहना है कि बच्चों तक समय से किताबे पहुंच जायें यही बेहतर विकल्प है।

65 प्रतिशत तक किताबें जिलो में पहुंची
बेसिक शिक्षा विभाग अब तक 65 प्रतिशत किताबों का मुद्रण करा कर जिलों में भेज चुका हैं। जिलों से यह किताबें छात्रों को वितरित की जा रही हैं। पाठ्य पुस्‍तक अधिकारी श्‍याम किशोर तिवारी के मुताबिक दस दिन में शेष पुस्‍तकों को प्रिंट करा लिया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग प्राथमिक व उच्‍च प्राथमिक, राजकीय एवं सहायता प्राप्‍त जूनियर हाईस्‍कूल, माध्‍यमिक विद्यालयों एवं सहायता प्राप्‍त मदरसों में पढ़ने वाले कक्षा 1 से 8 तक के छात्र-छात्राओं को नि:शुल्‍क पाठ्य पुस्‍तकों व कार्य पुस्तिकाओं का वितरण कराता है। पिछले सत्र में परिषदीय विद्यालयों के 1,83,72932 छात्र-छात्राओं को नि:शुल्‍क पाठ्य पुस्‍तकों के साथ कार्य पुस्तिकाएं वितरित की गई थीं जबकि वर्तमान 2021-22 में 1 करोड़ 85 लाख से अधिक छात्रों को पुस्‍तकों का वितरण किया जाना है।

35 ​प्रतिशत किताबों को भी जल्द भेजने की तैयारी
इस संबंध में अधिकारियों का कहना है कि पुस्‍तकों के मुद्रण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। कक्षा एक से आठ तक के छात्रों की 65 प्रतिशत किताबों को मुद्रण पूरा हो चुका है। शेष 35 प्रतिशत किताबों का मुद्रण अगस्‍त के दूसरे सप्‍ताह तक पूरा हो जाएगा। किताबों को जिलों में भेजने का काम भी तेजी से किया जा रहा है ताकि जिलों से छात्रों तक किताबें जल्‍दी पहुंच सके।

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