बरेली: परिषदीय स्कूलों की बदली तस्वीर तो बढ़ने लगे प्रवेश

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बरेली, अमृत विचार। ऑपरेशन कायाकल्प ने सैकड़ों परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदल दी है। स्कूलों की बेहतर स्थिति को देखकर तमाम अभिभावक अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटाकर परिषदीय स्कूलों में लिखवा रहे हैं। इसके पीछे की एक वजह कोरोना काल में कई लोगों का बेरोजगार हो जाना भी है। इसकी वजह से …

बरेली, अमृत विचार। ऑपरेशन कायाकल्प ने सैकड़ों परिषदीय स्कूलों की तस्वीर बदल दी है। स्कूलों की बेहतर स्थिति को देखकर तमाम अभिभावक अपने बच्चों का नाम निजी स्कूलों से कटाकर परिषदीय स्कूलों में लिखवा रहे हैं। इसके पीछे की एक वजह कोरोना काल में कई लोगों का बेरोजगार हो जाना भी है। इसकी वजह से बड़ी संख्या में अभिभावक निजी स्कूलों का खर्चा नहीं उठा पा रहे हैं।

अभिभावकों का कहना है कि सरकारी स्कूल की स्थिति काफी बदल गई है। इन स्कूलों में प्रत्येक सुविधा छात्र-छात्राओं को दी जा रही है। कई स्कूलों में स्मार्ट क्लास बन चुके हैं। कई स्कूलों में तो अधिक उम्र के बच्चों के प्रवेश के लिए भी अभिभावक पहुंच रहे हैं तो शिक्षक उन्हें समझाकर वापस भेज रहे हैं। पूर्व के वर्षों की अपेक्षा इस वर्ष अधिक प्रवेश हो चुके हैं।

प्राथमिक विद्यालय बिचपुरी
प्राथमिक विद्यालय बिचपुरी की प्रधानाध्यापिका हिमांशु शर्मा ने बताया कि स्कूल में काफी संख्या में छात्र-छात्राएं के प्रवेश के लिए अभिभावक पहुंच रहे हैं। नए प्रवेश में कई तो ऐसे हैं जो निजी स्कूल छोड़कर आ रहे हैं।

कम्पोजिट स्कूल मॉडल किशोर बाजार
बिहारीपुर चौकी के पास स्थित कंम्पोजिट स्कूल के प्रधानाध्यापक अरूणेश शर्मा ने बताया कि स्कूल में 200 छात्र-छात्राएं हैं और प्रतिदिन चार से छह बच्चों के प्रवेश कराने अभिभावक पहुंच रहे हैं। स्कूल में स्मार्ट क्लास भी बन गए हैं, जिससे अभिभावक और उत्सुकता के साथ स्कूल में आ रहे हैं।

कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय जखीरा
कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय जखीरा कि प्रधानाध्यापिका मुनेश कुमारी ने बताया कि हमारे स्कूल 250 छात्र-छात्राएं है । निजी स्कूलों से नाम कटाकर छात्र-छात्राओं के अभिभावक स्कूल में प्रवेश कराने पहंच रहें हैं।

स्कूलों में कायाकल्प होने से स्कूलों की स्थिति में बदलाव हुए हैं। अभिभावक परिषदीय स्कूलों प्रवेश कराने पहुंच रहें हैं । इस साल ज्यादा से ज्यादा प्रवेश परिषदीय स्कूलों में किए जाएंगे। -विनय कुमार, बेसिक शिक्षा अधिकारी

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