बरेली: रिजल्ट से असंतुष्ट छात्र परीक्षा में शामिल होने के लिए दे सकते हैं आवेदन
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कोरोना महामारी के कारण परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसलिए बोर्ड ने छात्र-छात्राओं का रिजल्ट 31 जुलाई को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया था। इसके लिए छात्र-छात्राओं को अंक जुटाने में विद्यालयों पर निर्भर होना पड़ा। परिणाम घोषित किए जाने के साथ ही …
बरेली, अमृत विचार। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने कोरोना महामारी के कारण परीक्षा को रद्द कर दिया था। इसलिए बोर्ड ने छात्र-छात्राओं का रिजल्ट 31 जुलाई को आंतरिक मूल्यांकन के आधार पर घोषित किया था। इसके लिए छात्र-छात्राओं को अंक जुटाने में विद्यालयों पर निर्भर होना पड़ा। परिणाम घोषित किए जाने के साथ ही अंकों को लेकर छात्र-छात्राओं की ओर से सवाल उठने लगे।
रिजल्ट में अंक न आने और कम अंक आने एवं रिजल्ट रोके जाने सहित कई तरह की शिकायतें बोर्ड के क्षेत्रीय कार्यालय पर पहुंचने लगीं हैं। बोर्ड ने परिणाम से असंतुष्ट होकर परीक्षा में शामिल होने वाले छात्र-छात्राओं से प्रार्थना पत्र मांगे हैं।
माध्यमिक शिक्षा परिषद ने वेबसाइट पर गुरुवार को सूचना जारी कर बताया कि वर्ष 2021 के घोषित हुए हाईस्कूल और इंटरमीडिएट के परिणाम से जो परीक्षार्थी असंतुष्ट हैं, वे यूपी बोर्ड की परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके लिए उन्हें परीक्षा में शामिल होने का प्रार्थना पत्र अपने विद्यालय के प्रधानाचार्य को देना होगा। विद्यालय के प्रधानाचार्य ऐसे छात्र-छात्राओं के अनुक्रमांक एवं उनके विषयों को बोर्ड की वेबसाइट पर विद्यालय के लॉगइन के जरिये 16 से 31 अगस्त तक अपलोड करेंगे।
इस परीक्षा में शामिल होने के लिए किसी भी छात्र-छात्राओं से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा। इन परीक्षार्थियों का परीक्षाफल 2021 का ही माना जाएगा। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा क्षेत्रीय कार्यालय पर रिजल्ट में अंक न आना उसकी जगह प्रमोटेड जैसी शिकायतों का आंकड़ा इकट्टठा किया जा रहा है। जिसकी शिकायतें क्षेत्रीय कार्यालय में 11 अगस्त तक इकट्ठी की जाएंगी। उसके बाद पड़ताल के लिए इन्हें संबंधित स्कूलों को भेजा जाएगा, जिससे कि शिकायतों का समाधान कर अंकपत्र बनाकर जल्दी छात्र-छात्राओं को मिल सके।
