ओलंपिक में भारत का परचम बुलंद कर वापस लौटे देश के असली हीरो, एक झलक पाने को उमड़ी भीड़

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नई दिल्ली। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के साथ भारतीय ओलंपिक दल का सोमवार को यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया लेकिन देश के नायकों की झलक पाने के लिए हवाई अड्डे के बाहर जमा भारी भीड़  से अराजकता जैसी स्थिति हो गयी। भारतीय खेल …

नई दिल्ली। ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रचने वाले भाला फेंक खिलाड़ी नीरज चोपड़ा के साथ भारतीय ओलंपिक दल का सोमवार को यहां पहुंचने पर गर्मजोशी से स्वागत किया गया लेकिन देश के नायकों की झलक पाने के लिए हवाई अड्डे के बाहर जमा भारी भीड़  से अराजकता जैसी स्थिति हो गयी।

भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) के महानिदेशक संदीप प्रधान की अध्यक्षता में एक प्रतिनिधिमंडल ने खिलाड़ियों का स्वागत किया। उनके साथ भारतीय एथलेटिक्स संघ के प्रमुख आदिल सुमारिवाला भी थे। यहां पहुंचने पर खिलाड़ियों का माल्यार्पण किया गया और गुलदस्ते भेंट किए गए। हवाई अड्डे के कर्मचारियों ने ताली बजाकर उनकी सराहना की और समर्थकों तथा मीडिया कर्मियों की भारी उपस्थिति के कारण बनी अराजकता की स्थिति के बीच उनके लिए बाहर निकलने का रास्ता बनाया।

ऐतिहासिक प्रदर्शन कर लौटे सितारों की एक झलक पाने के लिए जमा हुई भारी भीड़ को महामारी के दौरान लागू सामाजिक दूरी के नियमों की कोई परवाह नहीं थी। भारत ने टोक्यो ओलंपिक में सात पदक जीतकर अब तब का अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस दौरान चोपड़ा स्वर्ण पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बने।

भारोत्तोलक मीराबाई चानू और पहलवान रवि कुमार दहिया ने रजत पदक जीते। मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन, बैडमिंटन खिलाड़ी पीवी सिंधु, पुरुष हॉकी टीम और पहलवान बजरंग पुनिया ने कांस्य पदक जीते। पदक विजेताओं में से चानू और सिंधु अपने खेल के पूरा होने के बाद देश लौट आए थे क्योंकि कोविड-19 प्रोटोकॉल के कारण खिलाड़ियों को पदक वितरण समारोह के 48 घंटों के भीतर तोक्यो छोड़ना था।

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