उज्ज्वला योजना का लाभ उठा रही महिलाओं से पीएम मोदी ने की बात
महोबा, उप्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत की और इस दौरान उन्होंने इस योजना का लाभ उठा रही महिलाओं से बातचीत भी की । प्रधानमंत्री से बातचीत में उत्तराखंड के देहरादून की बूंदी देवी ने कहा,” घर में जब तक …
महोबा, उप्र। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को उत्तर प्रदेश के महोबा जिले से ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ के दूसरे चरण की शुरुआत की और इस दौरान उन्होंने इस योजना का लाभ उठा रही महिलाओं से बातचीत भी की । प्रधानमंत्री से बातचीत में उत्तराखंड के देहरादून की बूंदी देवी ने कहा,” घर में जब तक एलपीजी नहीं था तबतक जीवन बेहद कष्टकारी था। हम जंगल से लकड़ी लाकर खाना बनाते थे, कभी लकड़ी गीली होने पर जलती नहीं थी, आंख में आंसू आते थे, समय पर खाना नहीं बनता था। अब गैस मिलने के बाद समय भी बचता है। हमने गाय भी पाली है और समय बचने पर अब मैं अपने पिता की भी सेवा करती हूं।”
गोवा के उत्तरी इलाके में रहने वाली एकता चोपड़ेकर ने प्रधानमंत्री को बताया कि पहले जंगल में जाकर लकड़ियां लानी पड़ती थीं और बरसात के मौसम में बहुत परेशानी होती थी, लेकिन गैस कनेक्शन मिलने के बाद बहुत सहूलियत हो गई है,इससे काफी समय बचता हैं,जिससे वह बच्चों की बेहतर देखभाल कर पाती हैं।
प्रधानमंत्री से बातचीत में गोरखपुर की किरन देवी अपनी बेटी साधना के साथ शामिल हुईं। उन्होंने कहा,” हम स्वंय सहायता समूह के माध्यम से सिलाई करके, बांस के पंखे आदि बनाकर घर का खर्च चलाते हैं । गैस का कनेक्शन मिलने से अब समय बचता है और यह समय हम अपनी बेटी को पढ़ाने में लगाते हैं। किरन ने भावुक होकर कहा, ”आपको हमारी भी उम्र लग जाये प्रधानमंत्री जी ।”
इसी क्रम में पंजाब के अमृतसर की आशा देवी ने कहा, ” हमें गुरुद्वारे के माध्यम से गैस कनेक्शन के बारे में जानकारी मिली और मैंने इसके लिये कागज जमा किये और दो तीन दिन में कनेक्शन भी मिल गया। इससे समय बच रहा है इसके लिये आप का बहुत बहुत धन्यवाद।” प्रधानमंत्री ने भोपाल की सुनीता वैष्णव से भी बात की । इससे पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दस महिलाओं को गैस कनेक्शन के कागज सौंपे ।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा,” आज से छह वर्ष पूर्व बलिया से प्रधानमंत्री ने उज्जवला योजना के प्रथम चरण की शुरूआत की थी । राज्य के डेढ़ करोड़ परिवारों को पहले चरण में इस योजना का लाभ मिला। कोरोना काल में छह महीने तक नि:शुल्क गैस सिलेंडर भी उपलब्ध करायें गये । इस गैस कनेक्शन से महिलाओं के जीवन में बदलाव आया और उनका स्वास्थ्य बेहतर हुआ ।”
