लखनऊ: भाकपा ने कानपुर में रिक्शा चालक की पिटाई की निंदा, जानें पूरा मामला
लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने गत दिन कानपुर महानगर के बर्रा में बजरंगदलियों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में सरेराह एक गरीब रिक्शा चालक की पिटाई और उसकी सामाजिक प्रताड़ना को उत्तर प्रदेश सरकार के माथे पर कलंक का एक बदनुमा दाग बताते हुये इसकी कठोरतम शब्दों में भत्र्सना की है। पार्टी …
लखनऊ। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के राज्य सचिव मंडल ने गत दिन कानपुर महानगर के बर्रा में बजरंगदलियों द्वारा पुलिस की मौजूदगी में सरेराह एक गरीब रिक्शा चालक की पिटाई और उसकी सामाजिक प्रताड़ना को उत्तर प्रदेश सरकार के माथे पर कलंक का एक बदनुमा दाग बताते हुये इसकी कठोरतम शब्दों में भत्र्सना की है। पार्टी ने सभी दोषियों जिनके कि चेहरे वीडियो में स्पष्ट दिखाई दे रहे हैं तथा उनके संरक्षणदाताओं को माकूल दफाओं में गिरफ्तार करने की मांग की है।
भाकपा ने इस जघन्य और निंदनीय कांड पर कानपुर महानगर पुलिस की ढिलाई पर भी गहरी हैरानी जतायी है। यहां जारी एक प्रेस बयान में भाकपा राज्य सचिव मंडल ने कहा कि आखिर सत्ता और वोटों की खातिर भाजपा किस हद तक समाज और देश की एकता से खिलवाड़ कर सकती है यह हाल ही में जंतर मंतर, कानपुर और देश के अन्य हिस्सों में हुयी पोलिटिकल लिंचिंग की इन घटनाओं से साबित होगया है।
दिन रात विकास का ढिंढोरा पीटने वाली भाजपा आखिर चुनाव से पहले कैसे लिंचिंग, अल्पसंख्यक उत्पीड़न, फर्जी गोकशी, कथित लव जेहाद एवं धर्मांतरण जैसे पर-उत्पीड़क एजेंडों पर पहुँच जाती है, यह अब सबके सामने स्पष्ट हो गया है। एक गरीब के खिलाफ दूसरे गरीब को खड़ा कर धर्मांतरण के लिए ललचाने का आरोप लगवाना समुदाय विशेष को पीडि़त करने और विद्वेष फैलाने की साजिश है।
भाकपा ने सवाल किया कि भाजपा और संघ का ये कैसा हिन्दुत्व है जो गरीबों की लिंचिंग, हत्या, पिटाई और उन्हें फर्जी मुकदमों में फंसाने तक सीमित रह गया है। यहां इंकलाब जिंदाबाद का ऐतिहासिक नारा लगाने वालों पर देशद्रोह के आरोप लगाये जाते हैं और समाज में सांप्रदायिक जहर घोलने और हिंसा करने तथा भडक़ाने वालों को न केवल बचाया जाता है अपितु महिमामंडित किया जाता है।
भाकपा मांग करती है कि पुलिस संरक्षण में हुयी लोकतन्त्र और भाईचारे को शर्मसार करने वाली इस घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री को खेद प्रकट करना चाहिये और पीडि़त परिवार से क्षमा मांगनी चाहिये। भाकपा ने सभी लोकतान्त्रिक शक्तियों और शख्सियतों का आह्वान किया कि वे अन्याय और अत्याचार के विरूध्द सशक्त और संगठित आवाज उठायें।
