हरदोई: पीएचसी में अव्यवस्थाओं का बोलबाला, डॉक्टर समेत पूरा स्टाफ नदारद
हरदोई। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण व आमजनमानस के प्रति उदासीन रवैय्ये के चलते कछौना की ग्राम पंचायत टिकारी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। बीती 23 जुलाई को उक्त संदर्भ में जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्यमणि त्रिपाठी व कछौना सीएचसी अधीक्षक डॉ. …
हरदोई। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों के संरक्षण व आमजनमानस के प्रति उदासीन रवैय्ये के चलते कछौना की ग्राम पंचायत टिकारी में स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर स्वास्थ्य सेवाएं सुधरने का नाम नहीं ले रही हैं। बीती 23 जुलाई को उक्त संदर्भ में जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. सूर्यमणि त्रिपाठी व कछौना सीएचसी अधीक्षक डॉ. किसलय बाजपेयी से वार्ता होने के बाद भी आज लगभग बीस दिन हो गए लेकिन अभी वहां ताला लटकता रहता है। उक्त स्वास्थ्य केंद्र पर स्वास्थ्य सेवाएं सुधारने में जिम्मदारों ने अभी तक कोई रूचि नहीं ली है।
टिकारी पीएचसी पर तैनात चिकित्साधिकारी डॉ. सौरभ वर्मा के द्वारा अपने दायित्वों के निर्वाहन में बरती जा रही घोर अनियमितताओं पर जिम्मदारों ने अभी कोई कार्यवाई नहीं की है। यहां तैनात डॉक्टर सौरभ कभी कभार खनानपूर्ति के लिए चले आते हैं। लगातार अनुपस्थिति रहने के बावजूद भी रजिस्टर पर अपनी उपस्थिति दर्ज करके घर बैठे मोटा वेतन लेकर सरकार की छवि धूमिल कर रहे हैं। वहीं आमजनमानस स्वास्थ्य विभाग की इस घोर उपेक्षा के चलते कछौना कस्बे में कुकुरमुत्तों की तरह उगे गैर पंजीकृत/मानकविहीन क्लीनिक व अस्पताल/नर्सिंग होम में झोलाछाप डॉक्टरों व अस्पताल संचालकों के मकड़जाल में फंसकर अपनी गाढ़ी कमाई लुटाकर कंगाल हो रहा हैं।
टिकारी ग्राम पंचायत के ग्रामीणों का कहना है कि यदि स्वास्थ्य सेवाएं समय रहते नहीं सुधारी गई तो आने वाली स्थिति अत्यंत गंभीर हो सकती है। यहां तैनात डॉ. सौरभ लखनऊ में अपना निजी क्लीनिक चलाते हैं। ज्यादातर समय वहीं देने के कारण टिकारी में उनका प्रतिदिन आना संभव नहीं है। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि 2017 में बने इस प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को तीन वर्ष बाद 2020 में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए शुरू किया गया था। इस अस्पताल में एक डॉक्टर, एक फॉर्मासिस्ट व एक वार्डबॉय की तैनाती की गई थी।
यदि इस अस्पताल का संचालन सुचारू रूप से होता तो आज टिकारी ग्राम पंचायत के आसपास स्थित दर्जनों गांवों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकती थीं। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की मिलीभगत व संरक्षण के चलते ना तो कोई डॉक्टर नियमित रूप से यहां आता है और ना ही लोगों को कोई लाभ मिल पाता है। यदि स्थानीय स्तर पर जल्द ही कोई संतोषजनक कार्यवाई नहीं की गई तो इस संबंध में मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर शिकायत की जाएगी।
उपरोक्त संदर्भ में जब जिले के मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर सूर्यमणि त्रिपाठी से पुनः वार्ता की गई तो उन्होंने बताया कि कछौना सीएचसी अधीक्षक को पूर्व में ही इस संबंध में आवश्यक दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। डॉक्टर द्वारा स्वास्थ्य केंद्र पर लगातार अनुपस्थित रहने जैसी घोर लापरवाही को लेकर जल्द ही उनकी ओर से संबंधित डॉक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाई की जाएगी। वहीं स्थानीय सीएचसी अधीक्षक किसलय बाजपेयी ने बताया कि संबंधित डॉक्टर व स्टाफ को जल्द ही नोटिस जारी करके स्पष्टीकरण मांगेंगे। सुधार ना होने पर वेतन बाधित करने के साथ उच्चाधिकारियों को अवगत कराया जाएगा।
