बरेली: ऑनलाइन नक्शों की स्वीकृति में फंसा पेच, भवन निर्माण लटके
बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) से ऑनलाइन नक्शों की स्वीकृति जल्द न मिल पाने से बड़ी तादाद में भवन स्वामी परेशान हैं। बीडीए से ले-आउट पास न होने से वे भवनों का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। बीडीए अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन मिले नक्शों में तमाम खामियां और अधूरी सूचनाएं …
बरेली, अमृत विचार। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) से ऑनलाइन नक्शों की स्वीकृति जल्द न मिल पाने से बड़ी तादाद में भवन स्वामी परेशान हैं। बीडीए से ले-आउट पास न होने से वे भवनों का निर्माण नहीं करा पा रहे हैं। बीडीए अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन मिले नक्शों में तमाम खामियां और अधूरी सूचनाएं हैं।
इस वजह से तमाम मानचित्रों का निस्तारण नहीं हो पा रहा। इन्हें सुधार की जिम्मेदारी संबंधित ऑर्किटेक्ट को दी गई है लेकिन वे पोर्टल पर वांछित औपचारिकताएं ही पूरी नहीं कर पा रहे हैं। ऐसे में बीडीए को भी ले-आउट और नक्शों की स्वीकृति देने के साथ ही उन्हें राजस्व का भी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
शहर में बड़ी संख्या में आवास बीडीए से मंजूरी लिए बगैर ही बनाए जा रहे हैं। इसमें दिक्कत यह भी है कि मानचित्रों को पास कराने के लिए लोगों को पहले जटिल और दौड़भाग वाली लंबी प्रक्रिया से गुजरना होता था। इसमें सुधार करने के साथ प्रक्रिया को सरल बनाने के लिए प्राधिकरण ने करीब दो साल नक्शों को ऑनलाइन पास कराने के लिए पोर्टल की व्यवस्था शुरू कराई थी लेकिन इसे लेकर कई दिक्कतें सामने आ रही हैं।
दरअसल, जो व्यवस्था बनाई गई है, उसके तहत इस पोर्टल को खोलने के लिए ऑर्किटेक्ट को ही अधिकृत किया गया है। वे ही अपनी आईडी से भवन स्वामियों के नक्शों को पास करने के लिए पोर्टल पर सारी औपचारिकता और जरूरी कागजों को अपलोड किया जाना है। इसमें करीब 100 से ज्यादा ऐसे मानचित्र हैं, जो कोई न कोई कमी के कारण लटके हुए हैं।
बीडीए ने इन मानचित्रों को लेकर आपत्तियां लगाते हुए उन्हें ऑनलाइन ही संबंधित ऑर्किटेक्स के पास वापस तो भेज दिया लेकिन ऐसे मामलों के डंप होने से बड़ी संख्या में मानचित्रों को मंजूरी नहीं मिल पा रही है। ऐसे में भवन बनाने की योजना बना रहे लोग लंबे समय से नक्शा पास कराने के लिए दौड़भाग कर रहे हैं। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि इससे मानचित्रों के पास न होने से उसकी फीस के तौर पर मिलने वाले राजस्व का भी नुकसान झेलना पड़ रहा है।
समस्या के समाधान के लिए आर्किटेक्ट्स की बुलाई गई कार्यशाला
ऑनलाइन नक्शों के पास करने में आ रही दिक्कतों को देखते हुए प्राधिकरण ने पहल की है। इसके तहत बीडीए ने ऑनलाइन मानचित्रों को पास कराने में आ रही कठिनाइयों के निस्तारण के लिए 16 से 25 अगस्त तक विशेष कार्यशाला बुलाई है। इसमें दोपहर 11:30 बजे से 2:00 बजे तक कैंप का आयोजन किया जाएगा। इसमें बीडीए से संबंधित ऑर्किटेक्स से वार्ता करते हुए इस पर चर्चा होगी कि किस तरह से ऑनलाइन मानचित्रों को पास कराने में आ रही दिक्कत का समाधान ढूंढा जा सके।
कोरोना काल के बाद बढ़ी की मांग
कोरोना काल खत्म होने के साथ भवन निर्माण कराने वालों की तादाद में इजाफा हो रहा है क्योंकि बीडीए ने इधर अवैध तौर से बनाए जा रहे भवनों और भूखंडों की बिक्री की लेकर शिकंजा कसा है। इसलिए लोग निर्माण शुरू कराने के लिए बीडीए से स्वीकृति लेने को अब ज्यादा महत्व दे रहे हैं। इसलिए पोर्टल पर भी मानचित्रों की स्वीकृति लेने की संख्या जल्द ही और ज्यादा बढ़ने की संभावना है।
नक्शों की स्वीकृति के लिए बीडीए के पोर्टल पर बड़ी संख्या में लोग संबंधित कागज अपलोड कर रहे हैं लेकिन आर्किटेक्ट स्तर पर उनका समयबद्ध निस्तारण नहीं हो पा रहा है। इसलिए यह कोशिश शुरू की गई है। -जोगिंदर सिंह, उपाध्यक्ष, बीडीए
