बरेली: मेरा अस्पताल एप से बेखबर निजी व सरकारी अस्पताल
बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल मेरा अस्पताल एप से निजी और सरकारी अस्पताल अब तक दूरी बनाए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लांच किए गए एप से अब तक एक भी अस्पताल नहीं जुड़े हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनप्रचार करने की जहमत नहीं उठाई गई। …
बरेली, अमृत विचार। प्रधानमंत्री की महत्वाकांक्षी योजना में शामिल मेरा अस्पताल एप से निजी और सरकारी अस्पताल अब तक दूरी बनाए हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए लांच किए गए एप से अब तक एक भी अस्पताल नहीं जुड़े हैं। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से जनप्रचार करने की जहमत नहीं उठाई गई।
खास बात ये है कि एप के बारे में आमजन के साथ विभागीय कर्मचारियों को भी कुछ खास जानकारी नहीं है। जबकि बेवसाइट को लांच हुए दो साल बीत चुके हैं। विभाग के कुछ कर्मचारियों ने बताया कि ऐसा शायद इसलिए भी हो सकता है कि एप से अस्पतालों की अव्यवस्थाओं की पोल खुल सकती है।
एप पर सभी सरकारी व निजी अस्पतालों को जोड़ा जाना है ताकि इलाज करने वाले डाक्टर, मरीजों और उनके तीमारदार अस्पताल में मिलने वाली सुविधा व खामियों की जानकारी फीडबैक के माध्यम से सरकार को उपलब्ध करा सके। सेवानिवृत्त स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार फीडबैक की जानकारी देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाता है लेकिन शिकायतों व अन्य विवादों के चलते निजी व सरकारी अस्पतालों ने इसमें कोई खास रुचि नहीं दिखाई। वहीं सरकारी व्यवस्थाओं की पोल न खुलने के डर से भी विभाग की ओर से लोगों को इसके बारे में नहीं बताया गया।
प्रधानमंत्री कार्यालय से होती निगरानी
मेरा अस्पताल एप को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने की दिशा में लांच किया था। इसका लाभ आमजन को मिले, इसके लिए प्रधानमंत्री कार्यालय से ही एप की निगरानी की जाती है। फीडबैक के आधार पर जिलेवार अस्पतालों को ग्रेडिंग दी जाती है। उत्कृष्ठ कार्य करने वाले अस्पतालों को पीएमओ की ओर से प्रोत्साहन राशि दी जाती है। वहीं सरकारी अस्पतालों में सुविधाओं को और बढ़ाने के लिए फंड में भी बढ़ोतरी की जाती है। खराब फीडबैक वाले अस्पतालों में अव्यवस्थाओं को सुधाराने का काम किया जाता है।
जागरुकता के चलते लोग इसमें रुचि नहीं दिखा रहे हैं। विभाग की ओर से प्रचार कर लोगों को मेरा अस्पताल एप से जोड़कर स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाया जाएगा। -डा. बलवीर सिंह, सीएमओ
