प्रयागराज: बीएड और बीटेक डिग्री धारक नहीं बन सकेंगे गणित के टीजीटी शिक्षक

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प्रयागराज। गणित के साथ बी एड और बीटेक करके टीजीटी शिक्षक बनने की आस लगाए युवाओं की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गणित विषय के साथ बीटेक और बीएड टीजीटी शिक्षक भर्ती में शामिल होने के योग्य नहीं माना है। उक्त आदेश प्रशांत सिंह की याचिका को खारिज करते …

प्रयागराज। गणित के साथ बी एड और बीटेक करके टीजीटी शिक्षक बनने की आस लगाए युवाओं की उम्मीदों को एक बड़ा झटका लगा है। इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने गणित विषय के साथ बीटेक और बीएड टीजीटी शिक्षक भर्ती में शामिल होने के योग्य नहीं माना है। उक्त आदेश प्रशांत सिंह की याचिका को खारिज करते हुए न्यायमूर्ति अश्वनी कुमार मिश्र ने दिया है।

न्यायालय में सरकारी अधिवक्ता ने साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए कहा कि टीजीटी शिक्षक भर्ती के लिए योग्यता गणित विषय से बीए या बीएससी है। इसके समकक्ष किसी अन्य डिग्री को मान्यता नहीं दी गई है। अधिवक्ता वीके चंदेल और मयंक चंदेल ने कहा कि याची की नियुक्ति सर्वोदय विद्यापीठ इंटर कॉलेज, मीरगंज, जौनपुर में तदर्थ शिक्षक के रूप में हुई है।

अनुमोदन और वेतन के लिए जिला विद्यालय निरीक्षक को पत्रावली भेजी गई है। न्यायालय ने जिला विद्यालय निरीक्षक को इस पर फैसला लेने का निर्देश दिया था, लेकिन इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया है। उत्तर प्रदेश में इस वक्त कुल 1585 तदर्थ शिक्षक कार्यरत हैं, जिसमें से 1311 अध्यापकों को कोर्ट के आदेश से वेतन दिया जा रहा है, जबकि 274 को वेतन नहीं मिल रहा है।

याची का कहना है कि वह नियमानुसार तदर्थ शिक्षक के रूप में नियुक्त किया गया था और यह नियुक्ति नियमित नियुक्ति होने तक ही की गई थी। गणित विषय के साथ बीएड और बीटेक की डिग्री को भर्ती में मान्य ना होने से अब ऐसे कई अभ्यर्थियों का भविष्य अधर में पड़ गया है।

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