लखनऊ: मुख्तार अंसारी के गुर्गे शकील को पुलिस ने किया गिरफ्तार
लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे और करोड़ों की ठगी के आरोपी शकील हैदर को वजीरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ ठगी और फर्जी तरीके से लोन लेने के कई मुकदमें वजीरगंज कोतवाली समेत अमेठी व कई अन्य जिलों में दर्ज हैं। शातिर ने जमीन बंधक बनाकर और फर्जी तरीकों से …
लखनऊ। माफिया मुख्तार अंसारी के करीबी गुर्गे और करोड़ों की ठगी के आरोपी शकील हैदर को वजीरगंज पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उसके खिलाफ ठगी और फर्जी तरीके से लोन लेने के कई मुकदमें वजीरगंज कोतवाली समेत अमेठी व कई अन्य जिलों में दर्ज हैं। शातिर ने जमीन बंधक बनाकर और फर्जी तरीकों से बैंकों से करोड़ों रुपये का लोन लिया। उसके बाद बंधक जमीन को ही 70-75 व्यक्तियों को बेच दिया। शकील के खिलाफ वजीरगंज कोतवाली में एक अगस्त से तीन अगस्त के बीच चार मुकदमे दर्ज हुए थे। उसने जेहटा रोड स्थित पांच बीघे के प्लॉट पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर अमीनाबाद स्थित बैंक से 66 करोड़ रुपये का कर्ज लिया था।
इसके बाद बंधक रखी जमीन को 70 से 75 लोगों को बेचा दिया था। इस बारे में जब खरीदारों को जानकारी हुई और उन्होंने इसका विरोध किया। जिसके बाद शकील और उसके गुर्गे खरीदारों को धमकाने लगे। प्रभारी निरीक्षक वजीरगंज धनंजय पांडेय ने बताया कि शकील को गिरफ्तार कर लिया गया है। उससे पूछताछ में कई अन्य जानकारियां मिली हैं। मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
सड़क बनाने व हेलीकॅाप्टर खरीदने के नाम पर लोन
शकील ने हिन्द इन्फ्रा सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी बनाकर यूनाइटेड बैक आफ इण्डिया से 100 करोड़ से अधिक का लोन लिया था। उसके बाद आरोपी ने हिन्द क्रंक्रीट प्रोडक्ट लि.व अन्य नाम से कम्पनियां बनाकर सड़क निर्माण व हेलीकाप्टर खरीदने के नाम पर फर्जी तरीके से ऋण प्राप्त किया। उसने कम्पनी द्वारा जेहटा बरावनकलां में स्थित पांच बीघा जमीन व अपने आवासीय भवनों को बंधक रखकर यूनाईटेड बैंक आफ इण्डिया वर्तमान में पंजाब नेशनल बैंक से भी लोन 68.79 करोड़ रुपये लोन लिया था। बाद में उसने बिना बैंक का लोन चुकाए ही कई लोगों को यह जमीन बेंच दी थी। जिसकी शिकायत पीड़ितों ने वजीरगंज थाने में दर्ज कराई थी।
मुख्तार का संभालता था नेटवर्क
शकील हैदर लखनऊ में रहकर मुख्तार अंसारी का नेटवर्क संभालता था। मुख्तार के नाम पर वह रंगदारी वसूलने का काम भी करता था। इसके अलावा लखनऊ में मुख्तार की प्रापर्टी की देखरेख करने के साथ ही मुख्तार से जुड़े लोगों और मुख्तार के बीच कड़ी का काम कर रहा था।
