बरेली: लैंड पूलिंग योजना से किसानों की साझेदारी भी तय करेगा बीडीए
बरेली, अमृत विचार। शहर को विकसित करने के लिए लैंड पूलिंग स्कीम से विकास प्राधिकरण को ऑक्सीजन मिली है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने भी इस स्कीम के तहत किसानों के साथ साझेदारी की योजना बनाई है। 12 गांवों की 745.5 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। जोनल प्लान से एक …
बरेली, अमृत विचार। शहर को विकसित करने के लिए लैंड पूलिंग स्कीम से विकास प्राधिकरण को ऑक्सीजन मिली है। बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) ने भी इस स्कीम के तहत किसानों के साथ साझेदारी की योजना बनाई है। 12 गांवों की 745.5 हेक्टेयर जमीन के अधिग्रहण की प्रक्रिया की जा रही है। जोनल प्लान से एक नया विकास होगा, जिससे लोगों को सहूलियत मिलेगी।
शहर की आबादी में बढ़ते दबाव को कम करने के लिए बसाई जाने वाली डोहरा रोड पर रामगंगा नगर आवासीय योजना के लिए अब लैंड पूलिंग स्कीम ही सहारा है। जमीन अधिग्रहण की लंबी प्रक्रिया और अड़चनों के चलते अब नया बरेली को विकसित करने के लिए पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप यानी पीपीपी मोड पर काम किया जाएगा।
हालांकि कई गांवों के ज्यादातर किसानों ने जमीन देने पर सहमति दी है। 12 गांवों के किसानों से जमीन लेना बरेली विकास प्राधिकरण के सामने बड़ी चुनौती है। एक दिन पहले बड़ी संख्या में किसानों ने जमीन अधिग्रहण को लेकर विरोध किया था लेकिन बीडीए अधिकारियों का कहना है कि जोनल प्लान के हिसाब से ही लैंड पूलिंग के जरिए जमीन विकसित की जाएगी। इसके लिए बीडीए 12 गांवों के किसानों के साथ बैठक कर अपनी योजना की जानकारी दे रहा है।
ऐसे में अब इस योजना को परवान चढ़ाने के लिए कवायद तेज कर दी गई है। इसमें मालिक से जमीन लेकर विकास प्राधिकरण उसमें सड़क, बिजली, पानी सहित अन्य सुविधाएं विकसित करेगा। चिह्नित जमीन पर नया शहर बसाने के लिए जोनल प्लान बनाया जाएगा। इसमें औद्योगिक, व्यावसायिक और आवासीय इलाके चिह्नित किए जाएंगे। इसी आधार पर इनका वर्गीकरण करने के साथ ही वहां जरूरत के हिसाब से नक्शा तैयार किया जाएगा, ताकि जरूरी सुविधाओं को व्यवस्थित तरीके से विकसित करने में आसानी हो।
विस्तारीकरण से कॉलोनाइजरों को लग रहा झटका
रामगंगानगर में लगातार विकास के बाद अब उसके विस्तार की योजना के लिए दर्जनभर नए गांवों को शामिल करने की तैयारी की जा रही है। रामगंगानगर आवासीय परियोजना में करोड़ों के विकास कार्य चल रहे हैं। इससे यहां पर भू-खंडों की मांग भी बढ़ी है। इसके बाद अब बीडीए इस परियोजना को विस्तार देने की तैयारी कर रहा है। बीडीए की आवासीय परियोजना को पंख लगने के बाद अब कॉलोनाइजर परेशान हैं। उनकी जमीनों के ग्राहक कम होने से उनके सामने दिक्कत खड़ी हो गई है।
लैंड पूलिंग स्कीम सरकार की है। इसको लेकर 12 गांवों के किसानों से हम लगातार बातचीत कर रहे हैं। उनकी सहमति के बाद ही आगे की प्रक्रिया अमल में लाई जाएगी। इसके लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। -जोगिंदर सिंह, उपाध्यक्ष बीडीए
