यूपी: सुरक्षित नहीं रोडवेज बसों का सफर, बना रहता है अनहोनी का खतरा
लखनऊ। राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से संचालित रोडवेज बसों की स्थिति बेहद खराब है। लखनऊ रीजन से प्रदेश के विभिन्न जनपदों को जाने वाली अधिकांश बसें जर्जर हालत में सड़कों पर फर्राटा भर रही है। सालों से इन बसों की मरम्मत नहीं हुई है। कई बसों की खिड़कियां, शीशे और वाइपर टूटे हुए …
लखनऊ। राज्य सड़क परिवहन निगम की ओर से संचालित रोडवेज बसों की स्थिति बेहद खराब है। लखनऊ रीजन से प्रदेश के विभिन्न जनपदों को जाने वाली अधिकांश बसें जर्जर हालत में सड़कों पर फर्राटा भर रही है। सालों से इन बसों की मरम्मत नहीं हुई है। कई बसों की खिड़कियां, शीशे और वाइपर टूटे हुए हैं। हाल यह है कि किसी बस की सीटे टूटी हैं तो किसी की छतों से पानी टपकता हैं। विभागीय अधिकारियों की लापरवाही के कारण रोडवेज बसों में मिलने वाली सुविधाओं पर सवाल उठने लगे हैं ।
लखनउ से गोण्डा,बलरामपुर,फैजाबाद,आजमगढ़ जाने वाली जर्जन रोडवेज बसें रोजाना सैकड़ों यात्रियों को ढो रही हैं। इन बसों में सफर के दौरान यात्रियों को हमेशा अनहोनी की आशंका बनी रहती है। कब दुर्घटना हो जाये कुछ कहा नहीं जा सकता है। जर्जर बस के चलते लोग भीगते हुए यात्रा करने को मजबूर हैं। बस के ड्राइवर सीट के पास लगा शीशे भी टूटे हुए हैं जिसके चलते ड्राइवर को भी भीगते हुए गाड़ी चलाना पड़ता है।
साइड मिरर न होने से हो सकता है बड़ा हादसा
रोडवेज बसों की हालत यह है कि अधिकतर बसों में साइड मिरर नहीं है। इससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। रोडवेज चालक साइड मिरर को रस्सी से बांध कर चला रहे हैं। ड्राइवर के पास वाली खिड़की व यात्रियों की खिड़की पर शीशे नहीं लगे हैं। बसों में शीशे व वाइपर नहीं होने से यात्रियों व ड्राइवर दोनों को मुसीबतों का सामना करना पड़ता है। रोडवेज चालक की सीट के दोनों किनारों पर पीछे से आ रही गाड़ियों को देखने के लिए लगाए गए साइड मिरर रस्सी के सहारे बंधे हुए है। इसके अलावा कुछ बसों में साइड मिरर ही गायब हैं। ड्राइवर के बगल में लगे शीशे गायब हैं। यात्रियों के बैठने के स्थान पर लगे शीशे भी गायब हैं। साइड मिरर नहीं होने से बड़ा हादसा हो सकता है।
