बरेली: हॉकी खिलाड़ियों को एस्ट्रोटर्फ में खेलने में दिक्कत, चोट लगने का डर
बरेली, अमृत विचार। ओलंपिक में हाकी में मेडल मिलने के बाद देश में खुशियां मनायी जा रही हैं लेकिन देश में खिलाड़ियों को खेलने के सही इंतजाम ही नहीं मिल पा रहे हैं। यदि सही इंतजाम हों तो कई खिलाड़ी अच्छा खेलकर मेडल ला सकते हैं। साई स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों के लिए एस्ट्रोटर्फ को …
बरेली, अमृत विचार। ओलंपिक में हाकी में मेडल मिलने के बाद देश में खुशियां मनायी जा रही हैं लेकिन देश में खिलाड़ियों को खेलने के सही इंतजाम ही नहीं मिल पा रहे हैं। यदि सही इंतजाम हों तो कई खिलाड़ी अच्छा खेलकर मेडल ला सकते हैं। साई स्टेडियम में हॉकी खिलाड़ियों के लिए एस्ट्रोटर्फ को बने 10 साल हो चुके हैं लेकिन अब उसे मरम्मत की आवश्यकता है। एस्ट्रोटर्फ खराब हो जाने के कारण खिलाड़ी अभ्यास तो कर रहे हैं लेकिन उन्हें दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है। बॉल ज्यादा उछलने के कारण खिलाड़ियों के चेहरे पर लगने का डर लगा रहता है।
एस्ट्रोटर्फ में काई आ जाने के कारण खिलाड़ी फिसल रहे हैं जिसके कारण उन्हें चोट भी लग रही है। स्टेडियम में 16 खिलाड़ी ही हॉकी का अभ्यास कर रहे हैं। कोविड गाइड लाइन की वजह से खिलाड़ियों की संख्या सीमित कर देने के कारण स्टेडियम में नए खिलाड़ियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। सेंटर इंचार्ज ज्ञानेन्द्र सिंह ने बताया कि एथलेटिक्स के खिलाड़ियों के लिए सिंथेटिक का पांच मीटर चौड़ा और 45 मीटर लंबा ट्रेक तैयार किया जाएगा। जिससे जेवलिन थ्रो और अन्य एथलीटों को अभ्यास करने में आसानी होगी।
नए खिलाड़ियों का पंजीकरण नहीं कर रहे
संजीव जिंदल का कहना भारतीय टीम ने ओलंपिक में कांस्य पदक जीता है। जिसमें पीलीभीत के सिमरनजीत की हर ओर तारीफ हो रही है लेकिन साई स्टेडियम के एस्ट्रोटर्फ में सिर्फ 16 खिलाड़ी अभ्यास कर रहे हैं और अन्य खिलाड़ी बिना कोच के अभ्यास करने पर मजबूर हो रहे हैं, जबकि यहां 50 खिलाड़ी आसानी से अभ्यास कर सकते हैं। लेकिन कोविड का हवाला देकर साई की ओर से नए खिलाड़ियों का पंजीकरण नहीं किया जा रहा है। ऐसे में बरेली और आसपास के खिलाड़ी अपनी प्रतिभा को कैसे प्रदर्शित कर पाएंगे। सरकार को साई सेंटर में नए खिलाड़ियों के पंजीकरण करने के लिए अनुमति देनी चाहिए। जिससे अन्य खिलाड़ी भी अभ्यास कर सकें।
एस्ट्रोटर्फ में खेलने में दिक्कत हो रही है, खेलते समय बॉल के उछल जाने से चेहरे पर चोट लगने का डर लगा रहता है, एस्ट्रोटर्फ की मरम्मत होनी चाहिए या नया पड़ना चाहिए। -देवव्रत, हॉकी खिलाड़ी
एस्ट्रोटर्फ में काई आ जाने के कारण भागते समय पैर फिसल जाता है, जिससे खिलाड़ियों को मोच भी आ जाती है। इसलिए एस्ट्रोटर्फ की मरम्मत बहुत जरूरी है। -राहुल यादव, हॉकी खिलाड़ी
एस्ट्रोटर्फ की मरम्मत का एस्टीमेट तैयार करके भेजा जा चुका है। उत्तर प्रदेश राज्य निर्माण निगम को इसकी जिम्मदारी भी मिल गई। जल्द ही एस्ट्रोटर्फ की मरम्मत की जाएगी जिससे खिलाड़ियों को किसी प्रकार की दिक्कत नहीं होगी। साई की गाइड लाइन के हिसाब से नए खिलाड़ियों को स्टेडियम में अभ्यास कराने की अनुमति नहीं है। अनुमति मिलने के नए खिलाड़ियों को ट्रायल शुरू किया जाएगा।-ज्ञानेन्द्र सिंह, इंचार्ज साई स्टेडियम
