बरेली: गेहूं के बाद अब धान खरीद भी नहीं कर सकेगा नेफेड
बरेली, अमृत विचार। पिछले सीजन में गेहूं की खरीद से बाहर नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) को झटका लगा है। भुगतान में फिसड्डी होने पर शासन ने उसे धान खरीद की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। इसका जिम्मेदार नेफेड के क्षेत्रीय अधिकारियों को ठहराया गया है। नेफेड की तरफ …
बरेली, अमृत विचार। पिछले सीजन में गेहूं की खरीद से बाहर नेशनल एग्रीकल्चरल कोऑपरेटिव मार्केटिंग फेडरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (नेफेड) को झटका लगा है। भुगतान में फिसड्डी होने पर शासन ने उसे धान खरीद की अनुमति देने से इंकार कर दिया है। इसका जिम्मेदार नेफेड के क्षेत्रीय अधिकारियों को ठहराया गया है।
नेफेड की तरफ से मंडल के सभी जिलों में फसलों की खरीद की जाती थी। सभी जिलों में खरीद केंद्र बनते थे लेकिन नेफेड की लखनऊ शाखा की हीलाहवाली से मामला लटक गया। दरअसल पिछले वित्तीय वर्ष में धान खरीद की गई थी लेकिन किसानों का करोड़ों रुपये का भुगतान रोक दिया गया। एक एजेंसी खरीदारी कर चली गई और किसानों के भुगतान फंस गए। इसका संज्ञान शासन ने लिया। जिसके बाद खाद्य एवं रसद विभाग ने वीडियो कांफ्रेंसिंग से पिछले दिनों समीक्षा की। इसमें नेफेड लखनऊ के शाखा प्रबंधक विजय शर्मा को तलब किया गया था।
खाद्य एवं रसद आयुक्त ने साफ कहा था कि बरेली मंडल समेत अन्य जिलों में किसानों की बकायादारी जल्द खत्म कराई जाए। जिस खरीद एजेंसी ने भुगतान रोका है, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। लेकिन इसका अनुपालन नहीं किया गया। शाखा प्रबंधक की तरफ से रिपोर्ट भी नहीं भेजी गई। लिहाजा शासन स्तर से गेहूं खरीद की अनुमति नहीं दी गई और अब धान खरीद पर भी रोक लगा दी गई है।
