मुरादाबाद: वाहन फिटनेस में दलालों की दखल से ट्रांसपोर्टर परेशान

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मुरादाबाद,अमृत विचार। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय की पारदर्शिता पर दलाल और बिचौलिये हावी है। इस वजह से ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक चोट उठानी पड़ रही है। वाहनों की फिटनेस जांच में दलालों और बिचौलियों की चांदी कट रही है। विभाग में टैक्स जमाकर फिटनेस का आवेदन ऑनलाइन कर दिया है। लेकिन, उसके बाद भी ड्राइवर और …

मुरादाबाद,अमृत विचार। संभागीय परिवहन अधिकारी कार्यालय की पारदर्शिता पर दलाल और बिचौलिये हावी है। इस वजह से ट्रांसपोर्टरों को आर्थिक चोट उठानी पड़ रही है। वाहनों की फिटनेस जांच में दलालों और बिचौलियों की चांदी कट रही है। विभाग में टैक्स जमाकर फिटनेस का आवेदन ऑनलाइन कर दिया है। लेकिन, उसके बाद भी ड्राइवर और ट्रांसपोर्टर कार्यालय का चक्कर लगाने को मजबूर हैं।

रोजाना औसमन 50 से 60 छोटी-बड़ी गाड़ियों की फिटनेस जांच का फार्म जमा हो रहा है। ट्रांसपोर्ट नगर स्थित कार्यालय के पीछे मैदान में वाहनों की जांच के लिए मेले जैसा दृश्य दिखाई देता है। सूत्रों का कहना है कि वाहनों की तकनीकी जांच के दौरान विभागीय टीम में बाहरी लोग और दलालों की दखल से ट्रांसपोर्टर सीधे वाहनों का परीक्षण नहीं करा पा रहे हैं। इस काम में कोड के जरिए लंबित पत्रावलियों का निस्तारण हो रहा है, जिसमें जिम्मेदारों के निजी सहयोगी पत्रावली में प्रदूषण प्रमाण पत्र, टैक्स की रसीद का परीक्षण कर रहे हैं। इसके बाद चेचिस की जांच, वाहन के माडल और लाइट के परीक्षण की रस्म अदायगी की जा रही है।

सरेआम कुछ लोग फिटनेस में छोटे वाहनों के लिए 750, ट्रक और 10 पहिया वाहनों के लिए 1000 तथा बड़ी गाड़ियों से 3500 रुपये तक की वसूली हो रही है। एआरटीओ (प्रशासन) छवि सिंह चौहान ने कहा कि व्यवस्था को पूरी तरह से पारदर्शी बनाने का प्रयास जारी है। फिटनेस मामले में और सुधार की जरूरत है। जल्द ही बहुत सुधार दिखेगा। दूसरे आरआई के आने के बाद कार्य की जिम्मेदारी में सुधार दिखेगा।

लाइसेंस के लिए महीनों से भटक रहे लोग
मुरादाबाद। चार महीने से ड्राइविंग लाइसेंस के आवेदक विभागीय औपचारिकता पूरी होने का इंतजार कर रहे हैं। शनिवार को 190 आवेदक पहुंचे, जिसमें केवल 134 लोगों का टेस्ट हो पाया। जानकारों का कहना है कि ड्राइविंग लाइसेंस बनाने में सर्वर और कार्यालय की बदली व्यवस्था आड़े आ रही है। जबकि अनुबंध पर काम करने वाले सदस्य आवेदकों को परेशान कर रहे हैं।

वाहनों के स्वामित्व परिवर्तन में नियमों का पालन किया जाए
पंजीयन अधिकारी गैर प्रांत और खास तौर से पूर्वोत्तर के राज्यों से आने वाले वाहनों की आरसी और एनओसी की पड़ताल करें।
यह बात डिप्टी ट्रांसपोर्ट कमिश्नर एमएल चौरसिया ने शुक्रवार को कार्यालय के निरीक्षण के दौरान कही। चौरसिया ने दोपहर बाद आरटीओ कार्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान पटल सहायकों से सीधी बात की। फिटनेस कक्ष में लंबित पत्रावलियों को लेकर सवाल- जवाब किया।

कहा इस कार्य में शिकायतें आ रही हैं। उन्होंने आरटीओ भीमसेन और आरटीओ (प्रवर्तन) राकेंद्र सिंह सिंह के साथ हर पटल का निरीक्षण किया। एआरटीओ (प्रशासन) छवि सिंह चौहान ने राजस्व वसूली और विभाग की अन्य योजनाओं को लेकर किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी। डीटीसी ने राजस्व वसूली पर जोर देने का सुझाव दिया। निरीक्षण के दौरान लिपिों में खलबली मच गई थी।

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