यूपी: ऐताहासिक रही राष्ट्रपति की ट्रेन यात्रा, जानें कितने मिनट में पहुंचे अयोध्या
लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के चारबाग रेलवे स्टेशन से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अयोध्या यात्रा रविवार को ऐतिहासिक यात्रा बन गयी है। प्रेसिडेंशियल ट्रेन में राष्ट्रपति व देश की पहली महिला सविता कोविंद के साथ सफर कर रहे रेलवे के उच्च अधिकारियों के लिए यादगार पल रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चारबाग रेलवे स्टेशन से …
लखनऊ। उत्तर रेलवे लखनऊ मंडल के चारबाग रेलवे स्टेशन से राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद की अयोध्या यात्रा रविवार को ऐतिहासिक यात्रा बन गयी है। प्रेसिडेंशियल ट्रेन में राष्ट्रपति व देश की पहली महिला सविता कोविंद के साथ सफर कर रहे रेलवे के उच्च अधिकारियों के लिए यादगार पल रहा। राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद चारबाग रेलवे स्टेशन से सुबह 9:50 बजे प्रेसिडेंशियल ट्रेन से अयोध्या के लिए रवाना हुए। उनके साथ राज्यपाल आंनदी बेन पटेल, रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश, रेलवे बोर्ड के अध्यक्ष व सीईओ सुनीत शर्मा, उत्तर रेलवे के जीएम आशुतोष गुंगल, डीआरएम एसके सपरा भी गए।
रविवार सुबह 9:28 बजे राष्ट्रपति अपने 50 वाहनों के काफिले के साथ चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। जहां मुख्य गेट पर रेल राज्य मंत्री दर्शना जरदोश ने स्वागत किया और राष्ट्रपति को अयोध्या रेलवे स्टेशन का मॉडल सौंपा। वहीं राष्ट्रपति की पत्नी को रेल राज्य मंत्री ने इंजन का मॉडल दिया। इसके बाद चारबाग रेलवे स्टेशन के गैलरी में 15 मिनट तक लखनऊ और अयोध्या स्टेशनों के विकास कार्यों की परियोजनाओं को देखा। वहीं चारबाग रेलवे स्टेशन के डायरेक्टर सुदीप सिंह ने राष्ट्रपति को प्रेसिडेंशियल ट्रेन तक पहुंचाया। इस दौरान महामहिम के निर्देश पर गार्ड एके गौतम ने हरी झंडी दिखाई तब पायलट नंदलाल प्रेसिडेंशियल ट्रेन लेकर अयोध्या रवाना हुए।
इस दौरान नगर विकास मंत्री आशुतोष टंडन, मेयर संयुक्ता भाटिया के अलावा मुख्य सचिव आरके तिवारी, एडीजे रेलवे पियुष आंनद, डीएम, एसएसपी समेत आलाधिकारी मौजूद रहे। बता दें कि प्रेसिडेंशियल ट्रेन रविवार सुबह 09:10 मिनट पर रवाना होने का कार्यक्रम प्रस्तावित था। राष्ट्रपति के लेट पहुंचने पर ट्रेन आधे घंटे देरी से चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक से अयोध्या के लिए रवाना हुई।

प्रेसिडेंशियल ट्रेन के सफर का गवाह बने आठ लोकोपायलट
महामहिम जिस प्रेसिडेंशियल ट्रेन से रविवार को अयोध्या रवाना हुए उस ट्रेन का इंजन 4000 हार्स पावर का रहा। जिसका नाम लक्ष्मी सहगल है। इस इंजन पर आठ लोको पायलट व दो गार्डो की तैनाती की गई थी। जिसकी कमान उत्तर रेलवे के गार्ड गुरदीप सिंह और एके गौतम के हाथों में रहा। वहीं लोको पायलट नंद लाल व मेराज रहे। ये सभी लोग राष्ट्रपति के प्रेसिडेंशियल ट्रेन के गवाह बने। बता दें कि राष्ट्रपति की कानपुर से लखनऊ के बीच पहली यात्रा के दौरान भी इसी इंजन का प्रयोग किया गया था। जिसके लोको पायलट गुरदीप सिंह थे। प्रेसिडेंशियल ट्रेन के मुख्य गार्ड गुरदीप सिंह ने बताया कि चारबाग से अयोध्या का सफर पूरी तरह से सुरक्षित रहा। प्रेसिडेंशियल ट्रेन अयोध्या सुबह 11:30 बजे पहुंची है। लखनऊ से अयोध्या के बीच 134 किलोमीटर की दूरी को एक घंटे 50 मिनट में पूरा किया गया।
15 डिब्बे वाली प्रेसिडेंशियल ट्रेन के 42 केबिन में 70 लोगों ने किया सफर
रविवार को राष्ट्रपति अयोध्या भ्रमण के बाद शाम 6 बजे चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। राष्ट्रपति की प्रेसिडेंशियल ट्रेन अयोध्या रेलवे स्टेशन से दोपहर 03:57 बजे रवाना हुई। जोकि चारबाग रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर शाम 6 बजे पहुंची। वापसी में राष्ट्रपति के साथ राज्यपाल, रेल राज्य मंत्री, रेलवे बोर्ड के चेयरमैन व अध्यक्ष सुनीत शर्मा, उत्तर रेलवे के महाप्रबंधक आशुतोष गंगल समेत आलाधिकारी ट्रेन से चारबाग रेलवे स्टेशन पहुंचे। 15 डिब्बे वाली प्रेसिडेंशियल ट्रेन में 42 केबिन में एक साथ 87 लोग बैठ सकते है। इस ट्रेन में उनका स्टाफ और सुरक्षा अधिकारियों समेत शासन और रेलवे प्रशासन के अधिकारी आलीशान सुईट में सफर किए। रेलवे अधिकारी की मानें तो इस बार प्रेसिडेंशियल में 70 के करीब लोगों ने लखनऊ से अयोध्या और अयोध्या से लखनऊ के बीच सफर किया। बता दें चारबाग से अयोध्या पहुंचने में एक घंटे 50 मिनट का समय लगा। वहीं अयोध्या से चारबाग पहुंचने में एक घंटे 53 मिनट का समय लगा।
सुबह और शाम कई ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए
लखनऊ। चारबाग रेलवे स्टेशन पर रविवार सुबह राष्ट्रपति के अयोध्या जाने और अयोध्या से वापस लौटने के दौरान कई ट्रेनों के प्लेटफार्म अचानक बदल दिए गए। सुबह और शाम को आने वाली ट्रेनों के प्लेटफार्म बदलने से ट्रेन पकड़ने वाले और ट्रेन से उतरने वाले यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा। क्योंकि प्लेटफार्म बदले जाने की सूचना प्रसारित नहीं होने से यात्रियों ने नाराजगी जाहिर की।
इन स्पेशल ट्रेनों के बदले गए प्लेटफार्म
रविवार सुबह कोटा-पटना, हावड़ा-देहरादून, नई दिल्ली-लखनऊ एसी एक्सप्रेस, प्रतापगढ़-चारबाग व प्रयागराज लखनऊ के अलावा शाम को त्रिवेणी, एलटीटी-लखनऊ, जनता एक्सप्रेस, नई दिल्ली-दरभंगा व चारबाग-प्रतापगढ़ समेत करीब एक दर्जन ट्रेनों के प्लेटफार्म बदले गए।
स्टेशनों पर खड़ी रही ट्रेनें
राष्ट्रपति के यात्रा के दौरान चार ट्रेनों को बीच रास्ते रोका गया। जिसमें नई दिल्ली से लखनऊ एसी एक्सप्रेस, चंढीगढ़ एक्सप्रेस, दून एक्सप्रेस व उपासना एक्सप्रेस ट्रेनें रही। रेलवे के अधिकारी बताते है कि बरेली के पास जानवर कटने की वजह से ट्रेनें बीच रास्ते रोकने से चारबाग रेलवे स्टेशन एक से दो घंटे तक देरी से पहुंची।
