रामपुर: अवैध खनन पर एसपी का छापा, जेसीबी-डंपर पकड़े
रामपुर, अमृत विचार। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने टांडा जाते समय प्रानपुर पुल के पास जेसीबी से हो रहे अवैध खनन को छापा मार रुकवा दिया। एसपी के निर्देश पर खनन में प्रयुक्त जेसीबी और रेता भरा डंपर सैदनगर थाने में खड़ा कर दिया। सैदनगर पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं …
रामपुर, अमृत विचार। पुलिस अधीक्षक अंकित मित्तल ने टांडा जाते समय प्रानपुर पुल के पास जेसीबी से हो रहे अवैध खनन को छापा मार रुकवा दिया। एसपी के निर्देश पर खनन में प्रयुक्त जेसीबी और रेता भरा डंपर सैदनगर थाने में खड़ा कर दिया। सैदनगर पुलिस ने अभी तक इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है। वहीं खनन के धंधेबाजों में खलबली मची हुई है। वे एडीएम कार्यालय से अनुमति होने की बात कहकर जेसीबी और डंपर छोड़ने की मांग कर रहे हैं।
एसपी अंकित मित्तल शनिवार को रामपुर से प्रानपुर के रास्ते टांडा निरीक्षण करने जा रहे थे। अचानक उनकी निगाह पुल के पास हो रहे खनन पर पड़ गई। उन्होंने तुरंत अपने एस्कार्ट में लगे पुलिस कर्मियों से मौके पर छापा डलवा दिया। रंगेहाथ अवैध खनन करते हुए धंधेबाजों को पकड़ लिया गया। उनसे जेसीबी और रेता से भरा डंपर ले जाकर सैदनगर पुलिस चौकी में खड़ा करा दिया।
एसपी ने जांच करके कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए। अवैध खनन पकड़े जाने पर धंधेबाजों में खलबली मच गई। कुछ धंधेबाज एडीएम के यहां से खनन की अनुमति होने की बात कहकर पकड़े गए वाहन छोड़ने की मांग कर रहे हैं। पूरे दिन इसको लेकर खलबली रही। चौकी प्रभारी राजीव और हल्का लेखपाल भी नापजोख करते रहे।
स्थानीय पुलिस और राजस्व प्रशासन खनन धंधेबाजों से साठगांठ के चलते किसी तरह खनन को वैध करार देकर वाहन छोड़ने की कोशिश में लगा रहा। टांडा कोतवाली प्रभारी परवेज कुमार ने भी कहा कि लेखपाल द्वारा उक्त वाहन व खनन की जांच की जा रही है। वहीं कुछ भाजपा नेता खनन के वाहन छुड़ाने के लिए पूरा दबाव बनाने में लगे हैं।
जुलाई से अक्टूबर तक नदी में नहीं हो सकता खनन
प्रशासन से लेकर पुलिस तक के अफसर सब जानते हैं। जुलाई से अक्तूबर तक किसी नदी में खनन नहीं हो सकता है। प्रानपुर पुल के पास होने वाला खनन वैध कैसे हो सकता है। जिस जगह खनन हो रहा था वहां कोई वैध पट्टा होने की भी जमीन नहीं है। पुल के पास भी खनन करने की अनुमति नहीं हो सकती है।
ऐसे में कुछ लोग एडीएम के यहां से खनन की अनुमति होने का दावा कर रहे हैं, जबकि एडीएम वित्त एवं राजस्व रामभरत तिवारी का कहना है कि खनन की अनुमति जुलाई से अक्टूबर तक नहीं हो सकती। जमीन समतलीकरण की अनुमति हो सकती है, तो सवाल यह है कि जब जमीन समतल हो रही थी तो डंपर में रेता भरकर कहां भेजा जा रहा था। इस तरह अवैध खनन को रफादफा करने की कोशिश की जा रही है।
पुलिस-प्रशासन पर दबाव बना रहे कुछ भाजपाई
भाजपा के कुछ नेता खनन के धंधेबाजों को छुड़ाने के लिए पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने में लगे हैं। इसीलिए अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। सैदनगर और टांडा पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं। कहीं से कहीं तक खनन इन दिनों नहीं किया जा सकता है। खनन का कोई पट्टा भी नहीं है, फिर भी अवैध खनन को वैध कराके प्रशासन की कार्रवाई से बचने की कोशिश की जा रही है।
पूरे जिले में हो रहा है अवैध खनन
जिले में अवैध खनन का धंधा तेजी से फैला हुआ है। कोसी नदी को बरसात के दिनों में खंगाला जा रहा है। जबकि बरसात में खनन पर प्रतिबंध रहता है। पीलाखार नदी में भी अवैध खनन तेजी से हो रहा है। रामगंगा नदी में खनन करने वाले ट्रालियों में रेता भरकर खुलेआम ढो रहे हैं। शहर में नदियों का रेता खुलेआम ट्रैक्टर ट्रालियों से बिक रहा है। लेकिन स्थानीय पुलिस प्रशासन आंख बंद करके बैठा है। जिलाधिकारी रविंद्र कुमार मांदड़ और एसपी अंकित मित्तल अवैध खनन के प्रति सख्ती दिखा रहे हैं, लेकिन छोटे अधिकारी और तहसील प्रशासन खनन धंधेबाजों को खुला संरक्षण देने में लगा है।
अवैध खनन कहीं नहीं होने दिया जाएगा। प्रानपुर पुल के पास खनन करने वालों को मौके से पकड़ा गया था। उनके वाहन पुलिस चौकी में खड़े करा दिए गए हैं। कुछ लोग खनन की अनुमति बता रहे थे, जिसकी जांच कराई जा रही है। अंकित मित्तल, एसपी रामपुर
बरसात के दिनों में जुलाई से अक्तूबर तक कहीं खनन नहीं किया जा सकता है। पट्टेदार भी खनन नहीं कर सकते हैं। अगर कोई हमारे कार्यालय से अनुमति बता रहा है, तो जांच कराई जाएगी। खनन की अनुमति ऐसे नहीं होती। रामभरत तिवारी एडीएम एफआर रामपुर
फोन नहीं उठाते खनन अधिकारी
खनन अधिकारी राजकुमार संगम अपना सीयूजी नंबर ही नहीं रिसीव करते हैं। जिले में अवैध खनन के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। तहसील का राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस शक के दायरे में है, लेकिन अब तक कहीं भी अवैध खनन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई है।
