बरेली: जबरदस्ती जमीन न लेने, चार गुना मुआवजा मिलने पर बनी सहमति
बरेली, अमृत विचार। रामगंगानगर आवासीय परियोजना के विस्तारीकरण के लिए जमीन क्रय करने को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और भू-स्वामी किसानों के बीच चल रही उठा-पटक पर विराम लग गया। गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद संतोष गंगवार के प्रतिनिधि भोजीपुरा विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि सहित कई जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता में …
बरेली, अमृत विचार। रामगंगानगर आवासीय परियोजना के विस्तारीकरण के लिए जमीन क्रय करने को लेकर बरेली विकास प्राधिकरण (बीडीए) और भू-स्वामी किसानों के बीच चल रही उठा-पटक पर विराम लग गया। गुरुवार को पूर्व केंद्रीय मंत्री व सांसद संतोष गंगवार के प्रतिनिधि भोजीपुरा विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि सहित कई जनप्रतिनिधियों की मध्यस्थता में 12 गांव के प्रधान व किसानों की बीडीए सभागार में काफी देर तक महापंचायत चली जिसमें यह फैसला हुआ कि बीडीए किसानों से जोर-जबरदस्ती से जमीन नहीं लेगा। बीडीए अधिकारियों ने दोहराया कि किसानों की सहमति के आधार पर उनकी जमीनों को चार गुना मूल्य पर खरीदा जाएगा।
बीडीए की कई एकड़ में फैली यह आवासीय योजना वर्ष 2004 से ठप पड़ी थी। करीब दो साल पहले बीडीए के अधिकारियों ने इस परियोजना को पटरी पर लाने के लिए कई करोड़ के प्रोजेक्ट तैयार किए थे। इसकी वजह से इस आवासीय परियोजना में गेटबंद कॉलोनियों सहित दूसरी कॉलोनियों के भूखंडों की बिक्री में जबरदस्त इजाफा हुआ। इसे देखते हुए बीडीए अब इस परियोजना के विस्तारीकरण के लिए आसपास के करीब 12 गांवों की जमीनों को खरीदने की तैयारी कर रहा है। जबकि, बीडीए के इस प्रस्ताव को लेकर क्षेत्रीय किसानों का एक खेमा कुछ नेताओं के संरक्षण में विरोध उतर आया है।
किसानों का कहना है कि उनकी जमीनों पर कहीं जबरदस्ती कब्जा न कर लिया जाए। इससे किसानों और बीडीए के बीच कई दिनों से खींचतान मची हुई थी। तीन दिन पहले भी किसानों ने मंडलायुक्त कार्यालय पर एकत्र होकर जमकर हंगामा किया था। इन स्थितियों से निपटने के लिए बीडीए सभागार में गुरुवार को सभी 12 गांवों के प्रधानों को बुलाकर सांसद संतोष कुमार गंगवार के प्रतिनिधि विधायक बहोरन लाल मौर्य, जिला पंचायत अध्यक्ष रश्मि पटेल के प्रतिनिधि प्रशांत पटेल एवं 12 ग्राम प्रधानों के साथ बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह व अन्य अधिकारियों के साथ लंबी महापंचायत हुई।
अधिग्रहण संबंधी कार्य अभी नहीं किया गया
महापंचायत में यह मुद्दा सामने आया कि बीडीए द्वारा रामगंगानगर आवासीय योजना के विस्तारीकरण के लिए किसी भी ग्राम पंचायत की भूमि का अधिग्रहण संबंधी कार्य नहीं किया जा रहा है, बल्कि प्राधिकरण द्वारा शासन की लैण्ड पूलिंग नीति के तहत आपसी सहमति के आधार पर ही भूमि विकसित किये जाने की योजना पर कार्य किया जा रहा है।
जबकि कुछ व्यक्तियों द्वारा भूमि अधिग्रहण को लेकर दुष्प्रचार किया जा रहा है। शासन की लैण्ड पूलिंग नीति के तहत व्यापक लाभों से किसानों/भू-धारकों को अवगत कराया जा रहा है। भूमि लेने की इस नीति को लेकर प्राधिकरण द्वारा जिलाधिकारी को पहले ही पत्र लिखकर अवगत कराया जा चुका है।
कई गांवों में जमीन न मिलने पर लग सकता है योजना पर ग्रहण
बीडीए ने रामगंगानगर आवासीय परियोजना के आसपास 12 गांवों की जमीन खरीदने की योजना तो तैयार की है लेकिन अगर किसी गांव में ज्यादा किसान तैयार नहीं होते हैं और लैंड पूल तैयार नहीं हो पाता है तो उस गांव की जमीन को योजना से बाहर करने के अलावा कोई दूसरा विकल्प भी नहीं होगा। बीडीए के अधिकारियों का कहना है कि किसानों से उनकी सहमति के आधार पर सर्किल रेट से ज्यादा गुना कीमत तक जमीन के दाम दिए जाने का प्रावधान है।
रामगंगानगर परियोजना के विस्तारीकरण को लेकर कोई जबदस्ती नहीं की जा रही है। इस संबंध में लिखित रूप से पहले ही अवगत कराया जा चुका है। गलत फहमियां दूर करने के लिए किसानों और जनप्रतिनिधियों से भी वार्ता हो गई है। इसके सकारात्मक नतीजे सामने आए हैं। -जोगिंदर सिंह, बीडीए उपाध्यक्ष
