बरेली: हरे पेड़ उखड़वाए, अब बैंक ग्राहकों को धूप में खड़ा होना पड़ेगा
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी महसूस होने के बाद से सरकार शहरों में हरित पट्टिका बनाने पर विशेष फोकस कर रही है। जहां हरियाली ज्यादा होगी, वहां ऑक्सीजन की कमी भी नहीं रहेगी और प्रदूषण का स्तर भी कम होगा लेकिन बरेली शहर में जिन सड़कों पर वर्षों से हरियाली है …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना काल में ऑक्सीजन की कमी महसूस होने के बाद से सरकार शहरों में हरित पट्टिका बनाने पर विशेष फोकस कर रही है। जहां हरियाली ज्यादा होगी, वहां ऑक्सीजन की कमी भी नहीं रहेगी और प्रदूषण का स्तर भी कम होगा लेकिन बरेली शहर में जिन सड़कों पर वर्षों से हरियाली है और भारी भरकम पेड़ हजारों लोगों को सुकून दे रहे हैं, उनको बचाने के लिए कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है।
स्टेडियम रोड की बात करें तो इस रोड पर धीरे-धीरे कई पेड़ या तो उखड़वा दिए गए या फिर चोरी-छिपे कटवा दिए। अभी स्टेडियम रोड का नगर निगम चौड़ीकरण करा रहा है। एक साइड में सड़क को चौड़ा करने के लिए खुदाई की गयी। खुदाई ज्यादा होने से हरे पेड़ों की जड़ों तक दिखने लगीं। कई पेड़ों की जड़ों के आसपास से मिट्टी हटने की वजह से उनके गिरने की स्थिति ज्यादा बन गयी। इधर दो दिन पहले इसी रोड पर पंजाब एवं सिंध बैंक के पास सड़क किनारे गुलमोहर के दो हरे पेड़ अचानक रात में उखड़ गए।
भारी भरकम पेड़ बिना आंधी आए उखड़ना भी आश्चर्य करने वाला है। जबकि ये पेड़ बैंक आने वाले सैकड़ों ग्राहकों को प्रतिदिन गर्मी से बचाने के साथ उन्हें छांव दे रहे थे। राहगीर भी पेड़ों की छांव में अक्सर बैठे नजर आते थे। पेड़ों की वजह से कई ठेले भी लगते थे। रोजगार का जरिया भी पेड़ बने थे लेकिन अब यहां पर हरियाली गायब हो गयी।
चर्चा यहां तक चली कि एक पेड़ बारिश में जड़ें कमजोर होने की वजह से गिर गया लेकिन दूसरे पेड़ से एक रोलर टकरा गया। इससे वह जड़ समेत उखड़ गया। अब इस क्षेत्र में हरियाली के नाम पर एक भी पेड़ नहीं है। यहां तक बैंक आने वाले ग्राहकों के लिए भी गर्मी में बाहर ही धूप में खड़ा होना पड़ेगा।
कोरोना काल में बैंक में ज्यादा लोग एक साथ नहीं जा पाते, इसलिए अभी तक तमाम लोग अभी तक गुलमोहर के पेड़ के नीचे ही बैठकर इंतजार करते थे। इधर, प्रभागीय वनाधिकारी भारत लाल से बात करने पर उन्होंने बताया कि बारिश में गुलमोहर का पेड़ गिर गया।
