लखनऊ: शहाबुद्दीन का शार्प शूटर हरीश मुठभेड़ में ढेर, तीन राज्यों की पुलिस को थी तलाश
लखनऊ। बिहार में खौफ का पर्याय रहे शहाबुद्दीन के शार्प शूटर हरीश पासवान को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि बलिया में हुई मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी मौत अस्पताल में हुई। एक लाख के इस ईनामी की तलाश तीन राज्यों की पुलिस को थी। बलिया से लेकर …
लखनऊ। बिहार में खौफ का पर्याय रहे शहाबुद्दीन के शार्प शूटर हरीश पासवान को एसटीएफ ने मुठभेड़ में मार गिराया। हालांकि बलिया में हुई मुठभेड़ में वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उसकी मौत अस्पताल में हुई। एक लाख के इस ईनामी की तलाश तीन राज्यों की पुलिस को थी। बलिया से लेकर यूपी व बिहार के कई जिलों में उसका आतंक था।
मुठभेड़ के 24 घंटे पहले ही एडीजी जोन वाराणसी ने बदमाश पर इनाम की राशि 50 हजार से एक लाख रुपये की थी। इस कामयाबी की जानकारी देते हुए गोरखपुर एसटीएफ ने बताया कि शुक्रवार को बलिया के रसड़ा थाना के नींबूचट्टी मोड़ पर हरीश से मुठभेड़ हुई। उस वक्त वह गाजीपुर जा रहा था। उसने एसटीएफ की टीम पर फायरिंग की और जवाबी फायरिंग में घायल हो गया। जहां से उसे प्राथमिक चिकित्सा केंद्र ले जाया गया, वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
हरीश पासवान बलिया जिले के हल्दी थाना के बाबूबेल गांव का रहने वाला था। उसने बलिया, बिहार के सीवान, छत्तीसगढ़ के कोरबा और झारखंड के बोकारो जिले में हत्या, लूट, हत्या का प्रयास जैसे अनेक गंभीर अपराध किए थे। इसलिए चारों राज्यों की पुलिस उसकी ताक में थीं।
राजनीतिक संरक्षण प्राप्त था आठ लोगों का हत्यारा
शूटर हरीश को राजनीतिक संरक्षण भी प्राप्त था। हरीश के खिलाफ पहला मुकदमा लूट का 2004 में दर्ज किया गया था। इसमें हत्या के आठ मुकदमे शामिल हैं। इसके अलावा सात जुलाई 2021 को बलिया जिले के बैरिया थाना अंतर्गत नगर पंचायत बैरिया पश्चिम टोला निवासी जलेश्वर सिंह उर्फ बलवीर सिंह की हत्या की गई थी। तभी से हरीश फरार चल रहा था।
इन घटनाओं से पैदा किया खौफ
- वर्ष 2004 में बलिया बैंक से सात लाख की लूट और एक हत्या।
- वर्ष 2005 में बोकारों में किराए पर गाड़ी लेकर चालक की हत्या।
- 16 जून 2014 को सतीश और गिरीश हत्याकांड के गवाह राजीव रोशन की हत्या।
- 2014 में सीवान के भाजपा नेता श्रीकांत भारती की हत्या।
- 2016 में 10 लाख रुपए लेकर छत्तीसगढ़ के ठेकेदार पप्पू पटेल की हत्या।
- 15 अक्टूबर 2018 को बसपा नेता जुरगाम मेहदी के काफिले पर हमला, चालक मरा।
