बरेली: पोस्ट कोविड मरीजों को तेजी से जकड़ रहा वायरल बुखार
बरेली, अमृत विचार। मौसम में बदलाव के कारण पोस्ट कोविड मरीज जल्दी वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण कोविड के दौरान चले लंबे समय तक इलाज और स्टेरॉयड की डोज के कारण कम हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता को माना जा रहा है। कुछ मामलों में वायरल लोड अधिक होने ही …
बरेली, अमृत विचार। मौसम में बदलाव के कारण पोस्ट कोविड मरीज जल्दी वायरल बुखार की चपेट में आ रहे हैं। इसका मुख्य कारण कोविड के दौरान चले लंबे समय तक इलाज और स्टेरॉयड की डोज के कारण कम हुई रोग प्रतिरोधक क्षमता को माना जा रहा है। कुछ मामलों में वायरल लोड अधिक होने ही वजह से मरीज निमोनिया तक के शिकार हो रहे हैं। ऐसे मरीजों को ठीक होने में भी समय लग रहा है।
जिले में पहली और दूसरी लहर को मिलाकर 46 हजार से अधिक लोग कोविड संक्रमित हो चुके हैं। पिछले दो माह से जिले में कोविड मरीजों की संख्या एक या दो निकल रही है, लेकिन तेजी से फैल रहे वायरल बुखार ने स्वास्थ्य विभाग को चिंता में डाल दिया है। वायरल बुखार की चपेट में बच्चे, बुजुर्ग और महिलाएं तेजी से आ रही हैं, लेकिन कोरोना संक्रमण को मात देकर ऊबर चुके मरीजों की संख्या भी तेजी से बढ़ रही है।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डा. राहुल वाजपेयी ने बताया कि यह वायरल बुखार कुछ अलग ही तरह से लोगों को चपेट में ले रहा है। बुखार ठीक होने के बाद भी लंबे समय तक शरीर में कमजोरी रहती है। पोस्ट कोविड मरीजों के फेफड़े पहले से ही कमजोर हैं। जिसके कारण वायरल बुखार ठीक होने में दस दिन से अधिक का समय ले रहा है।
सरकारी से अधिक निजी में पोस्ट कोविड मरीज
वायरल बुखार की चपेट में आने से मरीजों की संख्या सरकारी से अधिक निजी अस्पतालों में है। जिला अस्पताल में जहां रोजाना 10 से 12 पोस्ट कोविड मरीज आ रहे हैं। वहीं निजी अस्पतालों और क्लीनिकों में 20 से 25 पोस्ट कोविड मरीज आ रहे हैं। विशेषज्ञों के अनुसार पोस्ट कोविड मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से वायरल लोड अधिक है। पूर्व में कोरोना संक्रमित रह चुके लोग स्वास्थ्य को लेकर बेहद सतर्क हैं। ऐसे में फैमिली डॉक्टर से अधिक संपर्क रहने के कारण मरीजों की संख्या अधिक है।
कोविड में लंबे समय तक चले उपचार और स्टेरॉयड के इस्तेमाल से मरीजों की इम्युनिटी बेहद कमजोर हो गई है। ऐसे में पोस्ट कोविड मरीज को वायरल बुखार तेजी से जकड़ रहा है। जिसके कारण ठीक होने में भी अधिक समय लग रहा। -डा. बागीश वैश्य, वरिष्ठ फिजिशियन, जिला अस्पताल।
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