बरेली: रुहेलखंड विश्वविद्यालय के ऑनलाइन वेबिनार में दिए गए आत्मनिर्भर बनने के टिप्स
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शनिवार को इंस्टिट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल, कंसल्टेंसी सेल एवं रूहेलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “स्टार्टअप, इनक्यूबेशन एंड इन्नोवेशन, चुनौतियां एवं रास्ते” विषय पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजित किया गया। जिसमें आईआईसी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर एमके सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में आईआईसी की …
बरेली, अमृत विचार। महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में शनिवार को इंस्टिट्यूशन इन्नोवेशन काउंसिल, कंसल्टेंसी सेल एवं रूहेलखंड इनक्यूबेशन फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में “स्टार्टअप, इनक्यूबेशन एंड इन्नोवेशन, चुनौतियां एवं रास्ते” विषय पर ऑनलाइन वेबिनार का आयोजित किया गया।
जिसमें आईआईसी के प्रेसिडेंट प्रोफेसर एमके सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया। कार्यक्रम में आईआईसी की समन्वयक प्रोफेसर तूलिका सक्सेना, प्रो. मनीष गंगवार, भूतपूर्व विभागाध्यक्ष कृषि व्यवसाय, चंद्रशेखर आजाद ने कहा कि कृषि में भी विविधता है। स्टार्टअप को प्रारंभ करने के लिए विभिन्न प्रकार के ऑर्गेनिक पुष्पो का उत्पादन कर सकते हैं। इसमें औषधीय पौधे, अंगूर की खेती, एलोवेरा, अश्वगंधा, नींबू, गन्ना आदि की खेती एवं दुग्ध उत्पादन, मुर्गी पालन, को बढ़ाकर आत्मनिर्भर भारत की ओर अग्रसर हो सकते है।
कम लागात में स्टार्टअप्स के बारे में दी जानकारी
द्वितीय सत्र में डॉ. वैभव विशाल ने कैपिटल गेन लागत में कमी, स्टार्टअप्स के लाभ, गवर्नमेंट टेंडर्स आदि विभिन्न पक्षों को न्यू इंडिया न्यू होप के माध्यम के मार्गदर्शन के बारे में जानकारी दी। वहीं, अंतिम चरण में प्रोफेसर तूलिका सक्सेना ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस वेबीनार में विद्यार्थी समिति के सदस्य दीक्षा माथुर ,आदित्य नाथ मिश्रा, पीयूष गुप्ता, अजय यादव, मंतशा अली, समेत तमाम लोग मौजूद रहे। वेबीनार का संचालन संयोजक डॉ. रुचि द्विवेदी ने किया।
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