रामपुर: जौहर यूनीवर्सिटी की 70 हेक्टयर भूमि सरकार में निहित करने के आदेश बरकरार
रामपुर, अमृत विचार। मोहम्मद अली जौहर विश्व विद्यालय प्रकरण में सपा सांसद मोहम्मद आजम खां को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ग्राम सींगनखेड़ा की 70.005 हेक्टयर भूमि को सरकार में निहित करने के आदेश को बरकरार रखते हुए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की याचिका को खारिज कर दिया है। सपा सांसद …
रामपुर, अमृत विचार। मोहम्मद अली जौहर विश्व विद्यालय प्रकरण में सपा सांसद मोहम्मद आजम खां को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। कोर्ट ने ग्राम सींगनखेड़ा की 70.005 हेक्टयर भूमि को सरकार में निहित करने के आदेश को बरकरार रखते हुए मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की याचिका को खारिज कर दिया है।
सपा सांसद आजम खां का ड्रीम प्रोजेक्ट जौहर यूनिवर्सिटी के निर्माण के लिए सपा शासन में जौहर ट्रस्ट के नाम पर जमीन ली गई थी। इस जमीन को लेते वक्त शासन की ओर से उस वक्त स्टांप शुल्क भी इस शर्त के साथ माफ किया गया था कि जौहर ट्रस्ट की ओर से ली गई जमीन पर चैरिटेबिल के कार्य होंगे। लेकिन, ट्रस्ट ने शर्तो का उल्लंघन किया और इसकी शिकायत शासन से की गई।
जांच में पता चला कि पिछले दस सालों में चैरिटेबिल का कोई कार्य नहीं किया गया है। जांच रिपोर्ट में यह भी साबित हो चुका है। जांच रिपोर्ट में एसडीएम सदर ने जौहर ट्रस्ट को दी गई 160 एकड़ जमीन वापस लेने की संस्तुति की थी। डीएम ने एडीएम कोर्ट में वाद दायर कराया था। जौहर ट्रस्ट के चेयरमैन आजम खां को नोटिस जारी किया गया था। लेकिन,आजम खां द्वारा नोटिस लेने से इंकार कर दिया गया था।
इसकी रिपोर्ट सीतापुर जेल के जेलर के द्वारा दी गई थी। इस मामले में एडीएम प्रशासन की कोर्ट में लगातार सुनवाई चल रही थी। जहां 16 जनवरी 2021 को एडीएम प्रशासन की कोर्ट ने ग्राम सीगनखेड़ा की 70.005 हेक्टयर भूमि मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां द्वारा खरीदने के बाद अभिलेखों में दर्ज करने के आदेश दिए थे।
साथ ही समस्त भारों से मुक्त होकर राज्य सरकार में निहित किए जाने के आदेश दिए थे। इस आदेश से क्षुब्ध होकर मौलाना मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट ने हाईकोर्ट की शरण ली थी। जिसके चेयरमैन सपा सांसद आजम खां है। आजम खां ने अपने अधिवक्ता के माध्यम से रिट दाखिल की थी जिसको सुनवाई के बाद न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की खंडपीठ ने एडीएम प्रशासन के फैसले को बरकरार रखते हुए मौलाना मौहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की याचिका खारिज कर दी है।
