बसपा सुप्रीमो मायावती ने किया चुनावी शंखनाद की शुरुआत, विपक्षी दलों पर साधा निशाना 

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ। 23 जुलाई को बसपा (BSP) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में शुरू हुई प्रबुद्ध वर्ग के समापन समारोह को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो की ओर से चुनावी शंखनाद की शुरुआत की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। साथ ही …

लखनऊ। 23 जुलाई को बसपा (BSP) के राष्ट्रीय महासचिव सतीश चंद्र मिश्रा के नेतृत्व में शुरू हुई प्रबुद्ध वर्ग के समापन समारोह को संबोधित करते हुए बसपा सुप्रीमो की ओर से चुनावी शंखनाद की शुरुआत की गई। पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। साथ ही कार्यकर्ताओं से हर विधानसभा क्षेत्र में एक हजार ब्राह्मण कार्यकर्ताओं को जोड़ने का भी टारगेट दिया है। साथ ही उन्होंने 2007 की तरह ही 2022 में भी पूर्ण बहुमत की सरकार बनाने को लेकर युद्धस्तर पर जुटने का आह्वान किया है।

मायावती ने वादा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में पार्टी अगर सत्ता में आती है तो ब्राह्मणों को पूरी सुरक्षा दी जाएगी। साथ ही कहा कि आज ब्राह्मण इस बात से सहमत हैं कि बसपा के शासन काल में ब्राह्मणों की स्थिति आज के वर्तमान सरकार से कहीं ज्यादा बेहतर थी। इसके अलावा मायावती ने कहा कि आज भी लोग बसपा के सुशासन को याद करते हैं। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण समाज किसी के बहकावे में न आए।

सतीश मिश्रा का बयान..

बसपा के राष्ट्रीय महासचिव सतीश मिश्रा ने कार्यक्रम के दौरान कहा कि हर दो घण्टे में यूपी में बलात्कार हो रहा है। हाथरस की घटना, खुशी दुबे को बीजेपी ने जेल में बंदकर रखा है। साथ ही उसकी बेल न होने पाए, उसके लिए जितने झूठे कागज बनवाए जा सकते थे, BJP ने वो सब बनवाए। इसके अलावा 2 करोड़ नौकरी मिलेंगी, 15 लाख खाते में आएंगे जिसको लेकर भाजपा सिर्फ आपको ठगने का काम कर रही है।

दलित बसपा से नहीं हुआ दूर

इस दौरान मायावती ने यह भी साफ कर दिया कि दलित कभी भी बहुजन समाज पार्टी से अलग नहीं हुआ। उन्होंने बसपा से जुड़े लोगों को आश्वस्त किया कि सभी को सम्मान मिलेगा और 2022 में पार्टी बहुमत के साथ सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि कार्यकर्ता और नेता के दूसरे चरण में युद्ध स्तर पर जुट जाएं।

सरकार बनने पर यूपी में नहीं लागू होगा तीनों कृषि कानून

मायावती ने अपने संबोधन के दौरान किसानों के मुद्दे को भी निशाना बनाया। उन्होंने कहा कि बसपा किसानों के साथ है। करीब एक साल से किसान आंदोलन कर रहे हैं। जिसमें से 500 से अधिक किसानों की मौत हो चुकी है। बसपा की सरकार बनने पर केंद्र की ओर से जबरदस्ती थोपे गए कृषि कानूनों को यूपी में लागू नहीं किया जाएगा।

मायावता ने दिया बड़ा बयान…

इसके अलावा सुप्रीमो ने चुनावी शंखनाद तो किया ही साथ ही एक बड़ा बयान देकर सबको चौंका भी दिया है। मायावती ने साफ तौर पर कहा कि वह अब अगर उत्तर प्रदेश की सत्ता में आईं तो पार्क और स्मारक बनवाने के बजाय प्रदेश के विकास पर ही पूरा फोकस रखेंगी।

सम्मेलन में पार्टी कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए उन्होंने बीजेपी और अन्य विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। मायावती ने कार्यकर्ताओं से हर विधानसभा क्षेत्र में एक हजार ब्राह्मण कार्यकर्ताओं को जोड़ने का भी टारगेट दिया है।

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