बरेली: कोरोना का डर कम, परिषदीय स्कूलों में छात्रों की बढ़ने लगी संख्या

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुए स्कूलों को छात्रों की पढ़ाई के लिए खोल दिया गया। 1 सितंबर से कक्षा 1 से 5वीं तक की भी कक्षाएं लग रही हैं। पहले दिन तो अभिभावकों में कोरोना का डर दिखा। इस वजह से स्कूलों में 10 से 20 फीसदी तक ही छात्र- छात्राएं …

बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के कारण बंद हुए स्कूलों को छात्रों की पढ़ाई के लिए खोल दिया गया। 1 सितंबर से कक्षा 1 से 5वीं तक की भी कक्षाएं लग रही हैं। पहले दिन तो अभिभावकों में कोरोना का डर दिखा। इस वजह से स्कूलों में 10 से 20 फीसदी तक ही छात्र- छात्राएं स्कूलों में पहुंचे लेकिन धीरे-धीरे स्कूलों में छात्रों की संख्या बढ़ने लगी है। बुधवार को आठवें दिन स्कूलों में छात्रों की संख्या 50 से 60 फीसदी तक हो गई। स्कूलों में ज्यादा संख्या में छात्र-छात्राओं के पहुंचने के कारण दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं।

बुधवार को बिथरी चैनपुर ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय पहाड़गंज में 107 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से 81 छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे। प्रधानाध्यापक अभिनेश कुमार ने बताया कि दिन-प्रतिदिन छात्रों की उपस्थिति बढ़ रही है। बुखार आने वाले छात्र-छात्राओं को वापस भेज दिया जा रहा है।

प्राइमरी स्कूल रामगंगा नगर में करीब 232 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं, जिसमें से करीब 180 छात्र-छात्राएं विद्यालय पहुंचे। प्रधानाध्यापिका आशा शर्मा ने बताया कि ज्यादा छात्राएं होने के कारण दो पालियों में कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। कम्पोजिट उच्च प्राथमिक विद्यालय बिथरी चैनपुर के इंचार्ज अध्यापक ने बताया कि स्कूल में पहले ही दिन से अच्छी संख्या में छात्र-छात्राएं पहुंच रहे हैं।

स्कूलों को नहीं किया जा रहा सैनिटाइजेशन
नगर क्षेत्र के कुछ स्कूलों में सैनिटाइजेशन किया जाता है लेकिन ज्यादातर स्कूलों में बिना सैनिटाइजेशन के ही कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के प्रधानध्यापक से बात करने पर उन्होंने बताया कि इन स्कूलों में किसी प्रकार का सैनिटाइजेशन नहीं किया गया है। वह खुद ही बच्चों के हाथ सैनिटाइज करवा रहे हैं। कक्षाओं में पिछले साल से अब तक सैनिटाइजेशन नहीं किया गया है। जिलाधिकारी ने ग्राम प्रधानों और नगर निगम से स्कूलों में सैनेटाइजेशन के निर्देश दिए हैं लेकिन उनके निर्देशों का पालन नहीं किया जा रहा है।

संबंधित समाचार