लखनऊ: विधानसभा की वेबसाइट हैक कर डाली आपत्तिजनक पोस्ट, केस दर्ज

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लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट हैक करने के एक माह के भीतर ही विधानसभा की वेबसाइट भी हैक हो गई है। जालसाजों ने वेबसाइट हैक करने के बाद उसमें कई आपत्तिजनक पोस्ट भी कर दी है। जिसके बाद वेबसाइट का मेनटेनेंस का काम देखने वाली यूपी डेस्को ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज …

लखनऊ। भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट हैक करने के एक माह के भीतर ही विधानसभा की वेबसाइट भी हैक हो गई है। जालसाजों ने वेबसाइट हैक करने के बाद उसमें कई आपत्तिजनक पोस्ट भी कर दी है। जिसके बाद वेबसाइट का मेनटेनेंस का काम देखने वाली यूपी डेस्को ने साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। अब पुलिस जालसाजों तक पहुंचने में लगी हुई है। प्रदेश की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली विधानसभा की वेबसाइट में सेंध लगने के बाद अब ऑनलाइन होने वाले कामों को लेकर भी प्रश्नचिन्ह खड़े हो गए है।

पुलिस के अनुसार, बीते 26 अगस्त को यूपी डिस्को ने साइबर सेल थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। टीम को हैकरों से संबंधित कई जानकारियां मिली है। जल्दी ही हैकरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। सूत्रों की मानें तो हैकरों ने वेबसाइट हैक करने के साथ ही विधानसभा की वेबसाइट पर कई आपत्तिजनक पोस्ट भी की है। वेबसाइट में प्रदेश के सभी एमएलए, एमएलसी, अधिकारियों की सूची तो मौजूद रहती ही है। कई महत्वपूर्ण जानकारियां भी इसमें मौजूद रहती हैं।

लिहाजा आशंका यह भी व्यक्त की जा रही है कि हैकरों ने कहीं वेबसाइट हैक करके इसकी जानकारियों का दुरुपयोग तो नहीं कर लिया है। वहीं एडीजी कानून एवं व्यवस्था प्रशांत कुमार ने बताया कि विधान सभा की वेबसाइट से कोई भी डाटा चोरी नहीं हुआ है। वेबसाइट को एक निजी कंपनी कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर चलाती है। इसकी जानकारी कंपनी को देकर जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जानकारों ने बताया कि विधानसभा की वेबसाइट पर एक वनरेबल एडवरटाइजमेंट का पेज खुल गया था।

यह एक दवा कंपनी का पेज था। कंपनी भारत के साथ ही विदेशों में भी कारोबार करती है। मामले में यूपी डेस्को के सहायक प्रबंधक राम शंकर सिंह ने आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज कराया है। बताते चलें कि बीते माह ही सहारनपुर से पुलिस ने भारत निर्वाचन आयोग की वेबसाइट को हैक करके दस हजार से अधिक मतदाता पहचान पत्र बनाने वाले हैकर को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। साइबर क्राइम थाना के निरीक्षक अजीत यादव की मानें तो मामले की जांच की जा रही है।

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