बाराबंकी: मानक विहीन लाइटों का दौर खत्म नहीं, मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण निराश
बाराबंकी। कोठी क्षेत्र के नसीरपुर गांव में बीते सालों की तरह इस बार भी मानक विहीन सोलर स्ट्रीट लाइट लगवा कर लाखों रुपए का भुगतान प्रधान और सेक्रेटरी ने कर लिया है। क्योंकि 6 महिने के अंदर रोशनी ना देने से ग्रामीण अंधेरे में निवास करते हैं। जो गांव में करीब 1 दर्जन से अधिक …
बाराबंकी। कोठी क्षेत्र के नसीरपुर गांव में बीते सालों की तरह इस बार भी मानक विहीन सोलर स्ट्रीट लाइट लगवा कर लाखों रुपए का भुगतान प्रधान और सेक्रेटरी ने कर लिया है। क्योंकि 6 महिने के अंदर रोशनी ना देने से ग्रामीण अंधेरे में निवास करते हैं। जो गांव में करीब 1 दर्जन से अधिक लगी है। जिसकी शिकायत किए जाने पर भी मरम्मत नहीं होने से ग्रामीण निराश है।
सिद्धौर ब्लाक क्षेत्र के नसीरपुर पंचायत में बीते माह लाखों रुपए की अट्ठारह स्ट्रीट लाइटों लगवाई गई है। जो गांव के सरोज, राकेश, हरीशचंद्र व विजय पटेल आदि के दरवाजे व अन्य कई स्थानों पर लगी हैं। जिसमें सरोज के हता परिसर में खराब लाइट का मरम्मत ना करवाकर प्रधान दिलीप कुमार ने फिर से नई सोलर स्ट्रीट लाइट लगवा दी। इसी तरह सारे गांव में 2 साल के अंदर लगी कई स्थानों पर सोलर लाइटें खराब पड़ी है। जिसमें हरिश्चंद्र, सुरेंद्र, रामप्रवेश, कप्तान सिंह व दिनेश कुमार आदि दरवाजों पर लगी लाइटें हैं।
उक्त लोगों के द्वारा इसे ठीक कराने की कई बार शिकायत की गई। लेकिन प्रधान ने लाइटों की मरम्मत नहीं करवा सके। ऐसे में मानक विहीन व बिना कंपनी की पुनः लाइट के लगने से वह आक्रोशित हैं। उनका कहना है कि जो गांव में लाइट लगाई गई है। वह 6 माह के अंदर ही खराब हो जाती हैं जिसकी शिकायत भी की जाए तो कोई सुनवाई नहीं होती है। उनका कहना है कि प्रधान व ब्लाक के अधिकारी ने लाइटों लगाकर धन की बंदरबांट करते हैं। क्योंकि स्ट्रीट लाइट 6 माह के अंदर ही खराब हो जा रही हैं। इस संबंध में प्रधान दिलीप कुमार ने बताया कि पंचायत में 18 नई सोलर स्ट्रीट लाइटें लगी है। जो नेडा वह सरकारी कार्रवाई संस्था से नहीं है। उनके द्वारा बताया गया कि खराब लाइट पिछले कार्यकाल की है।
