लखनऊ: यतींद्र मोहन को दिया गया डॉक्टर रायराजेश्वर बली स्वर्ण पदक
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के तत्वावधान में हिंदी दिवस एवं उपाधि वितरण समारोह का आयोजन राधा कमल मुखर्जी सभागार में मंगलवार को हुआ। इस अवसर पर मुख्य समागत के रूप में वरिष्ठ संवाददाता आशुतोष शुक्ला, विशिष्ट अतिथि हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, कुलाधिपति नामित लखनऊ …
लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी तथा आधुनिक भारतीय भाषा विभाग के तत्वावधान में हिंदी दिवस एवं उपाधि वितरण समारोह का आयोजन राधा कमल मुखर्जी सभागार में मंगलवार को हुआ। इस अवसर पर मुख्य समागत के रूप में वरिष्ठ संवाददाता आशुतोष शुक्ला, विशिष्ट अतिथि हिंदी विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष प्रो. सूर्य प्रसाद दीक्षित, कुलाधिपति नामित लखनऊ विश्वविद्यालय की कार्यकारिणी के सदस्य और साहित्यकार फिल्म निर्माता अंशु टंडन और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी चिरंजीव नाथ सिन्हा उपस्थित रहे।
उपाधि वितरण समारोह में लखनऊ विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग से वर्ष 2000 में परास्नातक उत्तीर्ण यतींद्र मोहन मिश्र को डॉक्टर रायराजेश्वर बली- स्वर्ण पदक दिया गया। इसी क्रम में परास्नातक हिन्दी छात्रों को उपाधि दी गई। हिंदी के स्नातक छात्रों का एक साहित्यिक-समूह जो’ काव्योम ‘के नाम से है , के छात्रों ने 13 सितंबर को हिंदी की प्रतियोगिता की थी, जिसमें निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर प्रतियोगिता, काव्य- लेखन प्रतियोगिता और प्रश्नोत्तरी का कार्यक्रम हुआ।
इसके तहत विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। उमाशंकर शंकर शुक्ल शितिकंठ द्वारा रचित जियो स्वदेश के लिए काव्यकृति का विमोचन हुआ। अंशु टंडन ने महाकवि तुलसीदास के जीवन संघर्ष पर आधारित तुलसीदास की जीवनी जो चाहो उजियार शीर्षक से अपनी फिल्म के बारे में चर्चा की, उनके फिल्म को प्रोजेक्टर पर दिखाया भी गया।
