शाहजहांपुर: दिन भर हुई बारिश छाए रहे बादल, धान-गन्ना की फसल गिरी
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले भर में दिनभर रिमझिम बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहे। लगातार हुई बारिश से फसलें गिर गईं। पिछले कई दिनों से खिल रही तेज धूप के कारण गर्मी से गुरुवार की सुबह से हुई लगातार कभी धीमी तो कभी तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार …
शाहजहांपुर, अमृत विचार। जिले भर में दिनभर रिमझिम बारिश हुई। आसमान में बादल छाए रहे। लगातार हुई बारिश से फसलें गिर गईं। पिछले कई दिनों से खिल रही तेज धूप के कारण गर्मी से गुरुवार की सुबह से हुई लगातार कभी धीमी तो कभी तेज बारिश से मौसम सुहावना हो गया। मौसम विज्ञानियों के अनुसार सुबह से लेकर रात तक जिले भर में करीब 40 मिमी बारिश हुई। वहीं शहर में लगातार बारिश से सड़कों और गलियों में पानी भर गया।
पंतनगर विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिक डॉ. आरके सिंह ने बताया कि 15 जुलाई से मानसून सक्रिय होने के कारण यह बारिश हुई। बारिश से अब तापमान में गिरावट आने की संभावना है। वहीं अंतिम समय में सक्रिय हुए मानसून के कारण कई जिलों में अगले दो-तीन दिनों तक बारिश की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को अधिकतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस, जबकि न्यूनतम तापमान 33.5 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया।
बारिश के कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया, जिससे वाहनों का निकलना तक मुश्किल हो गया। बारिश से रोडवेज बस अड्डा रोड, सिविल लाइन, ऑफीसर कॉलोनी, ऐमनजई, मोहम्मदजई, चौक, चारखंभा, अंटा, चमकनी, बहादुरगंज, कटियाटोला आदि में जलभराव होने से लोगों को निकलने में भी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह से ही बारिश होने के कारण वही लोग घर से निकल पाए, जिनका बहुत जरूरी काम था। लोगों के घर से न निकल पाने के कारण सड़कों पर सन्नाटा रहा।
तेज हवा और बारिश से हुआ धान की फसल को नुकसान, गन्ना भी गिरा
गुरुवार की सुबह तेज हवा के साथ हुई बारिश ने धान की फसल को नुकसान पहुंचाया है। खेतों में पकने को तैयार धान बारिश से भीग गया और तेज हवा में नीचे गिर गया। दो दिन पहले और फिर अब लगातार बारिश किसानों के लिए मुसीबत बनी है। पुवायां के जंगलपुर निवासी किसान कुलवंत सिंह ने बताया कि बारिश के कारण उनकी करीब चार एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई। इसी तरह बलकार सिंह की आठ एकड़ और सचेत सिंह की पांच एकड़ धान की फसल बर्बाद हो गई।
उधर, रोजा क्षेत्र के किसान सुरेश सैनी का कहना है कि धान की जितनी फसल में बालियां आ चुकी हैं, वह बारिश में भीग कर काली हो जाएगी और अंदर का दाना भी कमजोर निकलेगा। सब्जी की फसल भी बारिश से खराब होने की आशंका रहेगी। गांव बल्लिया निवासी किसान राजेश वर्मा, जहांगीर, अरविद, आबिद आदि का भी यही कहना है कि लगातार बारिश से अब कोई फायदा फसल को नहीं होगा। जिस धान में बालियां आ गई है उसे अभी पानी की आवश्यकता नहीं है।
बारिश के कारण इन इलाकों में फसल को सबसे ज्यादा नुकसान
तेज हवा और बारिश के कारण निगोही, खुटार, बंडा, पुवायां, रोजा, जलालाबाद और तिलहर आदि क्षेत्र में धान व गन्ने की फसलें गिर गईं। सबसे ज्यादा नुकसान धान की फसल को हुआ है। क्योंकि धान की फसल पक चुकी थी, वहीं गन्ने की फसल गिर गई है। किसानों का कहना है कि गन्ने की फसल को बांधकर ठीक कर ली जाएगी, लेकिन इस बारिश से धान की फसल बर्बाद हो गई है।
