उन्नाव: हैदराबाद से शव घर पहुंचते ही मचा कोहराम, मृतक की पत्नी ने काटा हंगामा

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Edited By Amrit Vichar
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उन्नाव। हैदराबाद से जब शव घर पहुंचा तो बिलख उठे परिजन सफीपुर,उन्नाव। विदेश भेजने के नाम पर दिए गए एक लाख रुपये वापस मिलने की आस धूमिल हो गयी। जिसके सदमे में पति की मौत हो गयी। यह आरोप लगा मृतका की पत्नी ने आधा सैकड़ा ग्रामीणों के साथ रुपये वापस दिलाने की मांग पर …

उन्नाव। हैदराबाद से जब शव घर पहुंचा तो बिलख उठे परिजन सफीपुर,उन्नाव। विदेश भेजने के नाम पर दिए गए एक लाख रुपये वापस मिलने की आस धूमिल हो गयी। जिसके सदमे में पति की मौत हो गयी। यह आरोप लगा मृतका की पत्नी ने आधा सैकड़ा ग्रामीणों के साथ रुपये वापस दिलाने की मांग पर अड़ गयी। हंगामे की स्थित देख कोतवाल भारी भरकम पुलिस फोर्स लेकर मौके पर जा पहुंचे और आंशिक भुगतान करा शेष बाद में कराए जाने का आश्वासन दिया। इसके बाद शव का अंतिम संस्कार किया गया।

सफीपुर कोतवाली क्षेत्र के खादिम अली खेड़ा गांव में रहने वाले सुनील की पत्नी मीरा ने आरोप लगाया कि चार वर्ष पूर्व कस्बे के गांधी नगर में रहने वाले अमन पुत्र प्रकाश ने बीते चार वर्ष पूर्व पति सुनील को विदेश भेजने के नाम पर एक लाख रुपये लिए थे। विदेश जाने की लालसा में पति ने सारे जेवरात बेच डाले और एक लाख रुपये दे दिए। चार साल से विदेश जाने की बाट जोह रहे सुनील को विदेश नहीं भेजा। इस बीच कई बार अपनी रकम वापस मांगी। आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार को पालने के लिए हैदराबाद आंध्रप्रदेश जाकर गमले का काम करने लगा।

कोरोना के चलते गमले का काम मंदा हो गया। आर्थिक रूप से परेशान सुनील ने एक बार फिर अमन से रुपये वापस करने को कहा तो उसने पैसे देने से मना कर दिया। रूपए न मिलने से उसे गहरा आघात लगा जिससे उसकी हैदराबाद मे ही मौत हो गयी। देर शाम को जैसे ही सुनील का शव घर पहुंचा तो पत्नी मीरा करीब आधा सैकड़ा ग्रामीणों के साथ कोतवाली जा पहुंची और रुपये वापस दिलाने की मांग पर अड़ गई। कोतवाल हरिकेश राय समझा बुझाकर लोगों को वापस गांव भेजा और हंगामे की मंशा भांप भारी पुलिस फोर्स को लेकर मौके पर पहुंच गए।

आनन फानन अमन से फोन पर वार्ता कर उसके खाते में 12 हजार का भुगतान कराकर शेष रकम दिलाने का अश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। मृतक अपने पीछे दो पुत्र दो पुत्रियो छोड़ गया हैं। बड़ी बेटी अनामिका 10, अंशिका 7 तथा पुत्रों में आलोक 5, डेढ साल का आशू है। पिता की मौत से परिजन रो रोकर बेहाल है। परिवार के मुखिया की मौत से बच्चो की जीविका के लिए संकट खड़ा हो गया है। कोतवाल हरिकेश राय ने बताया मामले को शांत कर दिया गया है। तहरीर मिलने पर अग्रिम कार्यवाही की कार्यवाही की जाएगी।

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