मुरादाबाद: नशे के कारोबार का भंडाफोड़, सात लाख की दवाएं बरामद
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में नशे के कारोबार का एक बार फिर भंडाफोड़ हुआ है। झोलाछाप क्लीनिक की आड़ में नशीली दवाओं का कारोबार कर रहा था। पुलिस व औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए झोलाछाप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से करीब 13 बोरे में भरी सात लाख …
मुरादाबाद, अमृत विचार। शहर में नशे के कारोबार का एक बार फिर भंडाफोड़ हुआ है। झोलाछाप क्लीनिक की आड़ में नशीली दवाओं का कारोबार कर रहा था। पुलिस व औषधि विभाग की संयुक्त टीम ने छापामार कार्रवाई करते हुए झोलाछाप को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मौके से करीब 13 बोरे में भरी सात लाख की कीमत की प्रतिबंधित दवाएं भी बरामद कर ली है।
मझोला थाना क्षेत्र नशे के कारोबार के लिए बदनाम हो चुका है। चरस, स्मैक और औषधि्स के तमाम मामले सामने आ चुके हैं। इसी के तहत औषधि विभाग के अफसरों को सूचना मिली कि जयंतीपुर क्षेत्र में प्रतिबंधित दवाओं का कारोबार फल-फूल रहा है। इसके बाद औषधि निरीक्षक मुकेश जैन, रामपुर की औषधि निरीक्षक उर्मिला वर्मा और अमरोहा के औषधि निरीक्षक राजेश कुमार के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया।
टीम ने मझोला पुलिस के साथ जयंतीपुर क्षेत्र में रोजिया हेल्थ क्लीनिक पर छापा मारा, टीम ने मौके से क्लीनिक संचालक झोलाछाप मोहम्मद जाकिर हो दबोच लिया। टीम ने जब क्लीनिक की तलाशी ली तो होश उड़ गए। टीम ने करीब 13 बोरों में भरी प्रतिबंधित दवाएं बरामद की। जिसकी कीमत सात लाख रुपये बताई जा रही है। पूछताछ में दूसरे राज्यों से दवाएं लाकर यहां पर बेचने की बात सामने आई है। आरोपी झोलाछाप के खिलाफ मझोला थाने में एनडीपीएस समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज करा दी गई है। वहीं इस कार्रवाई के बाद टीम ने क्षेत्र के अन्य मेडिकल स्टोर व दुकानों को भी चेक किया।
सर्जरी के दौरान होता है इन दवाओं का प्रयोग
भारी मात्रा में प्रतिबंधित दवाओं का जखीरा मिलने पर अफसर भी सकते में आ गए। चेक करने पर मालूम हुआ कि यह दवाएं नारकोटिक्स की श्रेणी में आती है और सामान्यता इनका प्रयोग सर्जरी के दौरान किया जाता है। कुछ दवाओं का प्रयोग दर्द निवारक के रूप में भी किया जाता है। बिना डाक्टर के पर्चे के इन दवाओं की बिक्री अवैध है। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह दूसरे राज्यों से दवाओं को मंगवाता है। इन दवाओं को वह नशेड़ियों को बेचता है। अधिक कीमत में दवाओं को बेचकर खासा मुनाफा कमाता है। अफसरों ने बताया कि यह दवाएं बाजार में आसानी से उपलब्ध नहीं होती है। सरकारी अस्पतालों के अलावा अन्य बड़े अस्पतालों में ही इसकी सप्लाई की जाती है।
क्लीनिक सील कर दर्ज कराई रिपोर्ट
औषधि निरीक्षक मुकेश जैन ने बताया कि बरामद दवाओं के पांच नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। इसके अलावा क्लीनिक को सील करने के साथ ही आरोपी के खिलाफ नारकोटिक्स व अन्य धाराओं में मझोला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। इसके अलावा औषधि अधिनियम कोर्ट में भी वाद दायर किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद टीम ने क्षेत्र के अन्य मेडिकल स्टोर व दुकानों को चेक किया, हालांकि वहां पर कोई आपत्तिजनक वस्तु नहीं मिली।
