पीलीभीत: धान खरीद पर सरकार ने जारी की संशोधित क्रय नीति
पीलीभीत, अमृत विचार। आगामी सीजन में किसानों से धान खरीद के लिए शासन ने एक दिन में ही नई संशोधित क्रय नीति जारी कर दी। शासन की संशोधित क्रय नीति में अब छह एजेंसियां ही धान की खरीद करेंगी। एसएफसी को भी बाहर का रास्ता दिखाते हुए खराब रिकार्ड रखने वाली एजेंसियों की सूची में …
पीलीभीत, अमृत विचार। आगामी सीजन में किसानों से धान खरीद के लिए शासन ने एक दिन में ही नई संशोधित क्रय नीति जारी कर दी। शासन की संशोधित क्रय नीति में अब छह एजेंसियां ही धान की खरीद करेंगी। एसएफसी को भी बाहर का रास्ता दिखाते हुए खराब रिकार्ड रखने वाली एजेंसियों की सूची में शामिल कर दिया गया है। आगामी सीजन में कई एजेंसियां धान की खरीद नहीं कर पाएंगी। नई क्रय नीति में खाद्य विभाग और पीसीयू को भी शामिल किया गया है। जबकि बीते वर्ष की धान खरीद में यह दोनों एजेंसियाँ दस करोड़ के चावल घोटाले में फंसी है।
यूपी में विधानसभा चुनाव का वक़्त बेहद नजदीक है। ऐसे में किसानों की नाराजगी दूर करने में सरकार कोई कोर कसर नही छोड़ना चाहती है। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता लगने से पहले प्रदेश सरकार ने किसानों से बड़े पैमाने पर धान खरीद करने की रणनीति बनाई है। इसे देखते हुए शासन से नई संशोधित धान क्रय नीति भी जारी कर दी है। इसमें पिछले वर्ष की तुलना में 72 रुपए प्रति कुंटल का इजाफा हुआ है। नई धान क्रय नीति में छह एजेंसिंयों को शामिल किया गया है।
यह एजेंसियां पहले से धान खरीद करती चली आ रही है। जबकि उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) को नई संशोधित क्रय नीति से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है। एक अक्टूबर 2021 से शुरू होने वाली धान खरीद में 31 जनवरी 2022 तक किसानों से धान खरीदा जा सकेगा।
शासन से धान खरीद की नई संशोधित क्रय नीति जारी कर दी गई है। आज इस संबंध में खाद्य विभाग की पहली बैठक बुलाई गई थी। इसमें 52 धान क्रय केंद्रों को स्वीकृत किया गया है। पीलीभीत,बीसलपुर और पूरनपुर मंडी को वरीयता देते हुए 40 धान क्रय केंद्र तीनों मंडियों में स्थापित किये जायेंगे। पीसीयू के धान क्रय केंद्रों को खोले जाने के लिए शासन को पत्र लिखा गया है। मार्केटिंग और पैक्स समितियों के धान क्रय केंद्रों की संख्या बढ़ाने के निर्देश दिए गए है। -पुलकित खरे डीएम पीलीभीत।
यह एजेंसियां करेंगी खरीद
अब धान खरीद की नई संशोधित क्रय नीति में खाद्य विभाग की विपणन शाखा, उत्तर प्रदेश सहकारी संघ (पीसीएफ),उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड (पीसीयू),उत्तर प्रदेश राज्य कृषि उत्पादन मंडी समिति,उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ (यूपीएसएस) भाररतीय खाद्य निगम (एफसीआई) का नाम शामिल है। अब कुल छह क्रय एजेंसियाँ ही किसानों से धान खरीद कर सकेंगी।
यह एजेंसियां धान खरीद से हुई बाहर
शुरुआती तैयारियों में फिलहाल कर्मचारी कल्याण निगम,यूपी एग्रो, नेकाफ,एनसीसीएफ को बाहर रखा गया था लेकिन बीते दिन जारी नई संशोधित क्रय नीति में अब उत्तर प्रदेश राज्य खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम (एसएफसी) को भी बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है।
चावल घोटाले में फंसी एजेंसियों को भी मिली जगह
शासन ने बीते दिन नई संशोधित धान क्रय नीति जारी कर दी है। इसमें बीते वर्ष की धान खरीद में हुए करोड़ों के चावल घोटाले में फांसी खाद्य विभाग की विपणन शाखा और उत्तर प्रदेश कोआपरेटिव यूनियन लिमिटेड (पीसीयू) को भी जगह मिली है। नई संशोधित क्रय नीति के अनुसार किसानों से यह दोनों एजेंसियाँ भी धान की खरीद करेगी।
इन एजेंसियों पर सरकार का अब भी 10 करोड़ रुपये से ऊपर का चावल आज भी बकाया है। इस मामले में हाल ही में पूरनपुर कोतवाली में खाद्य विभाग और पीसीयू की ओर से लगभग 9.65 करोड़ के चावल घोटाले की एफआईआर दर्ज कराई गई थी जिसकी पुलिस विवेचना अभी जारी है।
मंडी में अधिक केंद्र खोलने की विधायन समिति में हुई थी शिकायत
बीते वर्षों में जिला प्रशासन द्वारा पीलीभीत,बीसलपुर और पूरनपुर मंडी में ज्यादा से ज्यादा धान क्रय केंद्र खोले जाने से बीसलपुर भाजपा विधायक खासे नाराज थे। इस संबंध में बीसलपुर भाजपा विधायक रामसरन वर्मा ने 12 जुलाई को विधायन समिति में शिकायत भी दर्ज कराई थी। इस मामले में आरएफसी बरेली जोगिंदर सिंह को तलब किया गया था लेकिन आरएफसी ने तत्कालीन डिप्टी आरएमओ को अपनी जगह भेज दिया।
बीसलपुर भाजपा विधायक की शिकायत में कहा गया था कि जनपद के ज्यादातर किसान ग्रामीण क्षेत्रों में रहते है इस लिए ज्यादा से ज्यादा धान क्रय केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में ही खोले जाने चाहिए। शहरों में धान खरीद करने वाली राइस मिल और आढ़ती ही मौजूद है।
