बरेली: गेहूं खरीद- अनियमितता पर दो फर्में काली सूची में डाली
बरेली, अमृत विचार। किसानों के हक पर डाका डालने और खुद की जेब भरने वालों पर संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) जोगिंदर सिंह ने सख्ती की है। गेहूं खरीद में अनियमितता की शिकायत जांच में सही मिलने पर शनिवार को फतेहगंज पश्चिमी और रिठौरा की दो फर्मों को खाद्य तथा रसद विभाग के कार्यों से ब्लैक …
बरेली, अमृत विचार। किसानों के हक पर डाका डालने और खुद की जेब भरने वालों पर संभागीय खाद्य नियंत्रक (आरएफसी) जोगिंदर सिंह ने सख्ती की है। गेहूं खरीद में अनियमितता की शिकायत जांच में सही मिलने पर शनिवार को फतेहगंज पश्चिमी और रिठौरा की दो फर्मों को खाद्य तथा रसद विभाग के कार्यों से ब्लैक लिस्टेड कर दिया। इस कार्रवाई से खरीद में शामिल अन्य फर्म से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा है।
आरएमओ राममूर्ति वर्मा ने बताया कि बीते साल गेहूं खरीद के दौरान नरियावल मंडी द्वितीय एवं नरियावल मंडी तृतीय में तैनात खाद्य विभाग के केंद्र प्रभारी ने फतेहगंज स्थित मैं. गंगा इंटरप्राइजेज फर्म के ठेकेदार भगवानदास पर अभद्र व्यवहार करने, धमकी देने, फर्जी खरीद कराने की कोशिश करने का दबाव बनाने समेत कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। इसकी जांच जिला खाद्य विपणन अधिकारी सुनील भारती से कराई गई। कुछ दिन पूर्व जांच पूरी होने पर इसकी रिपोर्ट आरएफसी को सौंपी गई।
जांच में प्रथम दृष्टया आरोप ठीक मिलने पर फर्म को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन फर्म की तरफ से कोई उचित जवाब नहीं मिला। जिसके चलते फर्म को ब्लैक लिस्टेड कर दिया गया। इसी तरह रिठौरा के मोहल्ला कुर्मियान निवासी ठेकेदार प्रियांक गुप्ता की फर्म मै. स्नेहा ट्रांसपोर्ट पर खाद्य विभाग एवं भारत सरकार की हैंडलिंग/परिवहन नीति के उल्लघंन पर कार्रवाई की गई है। अफसरों के मुताबिक केंद्र प्रभारी की शिकायत पर एसडीएम से प्रकरण की जांच कराई गई थी।
इस दौरान नरियावल मंडी पंचम द्वारा खरीदे गेहूं के सत्यापन से पता चला कि केंद्र प्रभारी जितेन्द्र सिंह सागर, विपणन निरीक्षक व ठेकेदार प्रियांक की भूमिका संदिग्ध है। इस पर फर्म को नोटिस जारी कर केंद्र प्रभारी को निलंबित कर दिया गया था। जांच पूरी होने पर शनिवार को फर्म को पांच साल के खाद्य विभाग के कार्यों से डिबार कर दिया गया।
कुछ दिन पहले सिंगल स्टेज टेंडर में पकड़ा था गड़बड़झाला
आरएफसी जोगिंदर सिंह ने अभी कुछ दिन पहले ही सिंगल स्टेज के टेंडर में फर्जीवाड़ा सामने आने पर भमोरा थाने में मै. आरसी इंटरप्राइजेज फर्म के ठेकेदार के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी। इसके साथ ही फर्म को ब्लैक लिस्टेड करने के निर्देश दिए थे। जांच में पता चला था उक्त फर्म के ठेकेदार ने फर्जी अभिलेख लगाकर ठेका लेने की कोशिश की है।
प्रदेश में सबसे ज्यादा बरेली मंडल में दर्ज हुए मुकदमे
सरकारी अभिलेखों में पिछले सत्र में धान व गेहूं खरीद में अनियमितता पर प्रदेश में सबसे अधिक मुकदमे बरेली मंडल में दर्ज किए गए हैं। खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 व रबी विपणन वर्ष 2021-22 में अनियमितताओं पर कुल 54 मुकदमे मंडल में दर्ज हुए थे। बरेली में नौ, बदायूं में चार, पीलीभीत में 33 व शाहजहांपुर में आठ मुकदमे दर्ज हुए थे। इनमें अधिकांश मुकदमें आरएफसी के निर्देश पर दर्ज कराए गए थे। लेकिन, बाद में राजनीतिक हस्ताक्षेप और साठगांठ की वजह से आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई।
इसको लेकर पिछले दिनों आरएफसी ने नाराजगी जताते हुए प्रमुख सचिव से मंडल के सभी डीएम, एसएसपी को इस मामले में प्रभावी कार्रवाई करने व चार्जशीट दाखिल करने के निर्देश देने और आरोपियों को खाद्यान्न खरीद माफिया घोषित कराने की बात कही थी ताकि एमएसपी पर होने वाली खरीद का सीधा लाभ किसानों को मिल सके।
