बांदा: खनन माफिया के हौसले बुलंद, भूमि पूजन के साथ चलाई जेसीबी

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Edited By Amrit Vichar
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बांदा। एएसपी के निलंबन और जिलाधिकारी को हटाने का चित्रकूटधाम मंडल के बालू खनन बाहुबलियों पर अभी भी कोई असर नहीं पड़ा। इनके हौसले और कारगुजारियां बदस्तूर जारी हैं। रविवार को यहां इसकी एक बानगी भी नजर आई। बेखौफ बालू खनन के बाहुबलियों ने बगैर पट्टा के निजी भूमि में खदान चालू करने के लिए …

बांदा। एएसपी के निलंबन और जिलाधिकारी को हटाने का चित्रकूटधाम मंडल के बालू खनन बाहुबलियों पर अभी भी कोई असर नहीं पड़ा। इनके हौसले और कारगुजारियां बदस्तूर जारी हैं। रविवार को यहां इसकी एक बानगी भी नजर आई। बेखौफ बालू खनन के बाहुबलियों ने बगैर पट्टा के निजी भूमि में खदान चालू करने के लिए भूमि पूजन के साथ जेसीबी से कुछ खनन भी किया। यह सब तब किया गया, जब 30 सितंबर तक बालू खनन पर रोक है। चित्रकूटधाम मंडल मुख्यालय के नजदीक केन कि नारे ये अंधेरगर्दी करने वालों ने सोशल मीडिया पर खुद ही फोटो वायरल करके अपने बेखौफ इरादे भी उजागर कर दिए हैं।

तीन दिन पूर्व 15 सितंबर को मध्य प्रदेश के ओवरलोड बालू ट्रकों को बांदा से गुजारने और वहां के कथित बालू कारोबारी से फोन पर संपर्क रखने के आरोप में बांदा के एएसपी महेंद्र प्रताप सिंह चौहान को शासन ने निलंबित कर दिया था। उसी दिन जिलाधिकारी आनंद कुमार सिंह को भी हटा दिया गया, लेकिन इन दो बड़ी कार्रवाइयों का बालू के धंधे से जुड़े दिग्गजों पर कोई असर नहीं पड़ा। उनके काम बदस्तूर हैं। ताजा उदाहरण शनिवार को यहां नजर आया। मुख्यालय से करीब 7-8 किलोमीटर दूर सदर तहसील क्षेत्र के गंछा गांव के पास केन नदी किनारे निजी भूमि पर बालू खदान चालू करने के लिए भूमि पूजन हुआ और जेसीबी मशीन से कुछ बालू निकाली भी गई।

भूमि पूजन और जेसीबी से खनन आदि की कई फोटोग्राफ सोशल मीडिया में डाल दिए गए। इन्हें सोशल मीडिया पर वायरल करने वाले सीमावर्ती मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले के गौरिहार के लोग हैं। इससे यह भी कयास लगाया जा रहा कि यहां बालू खननकी तैयारी में मध्यप्रदेश के लोग शामिल हैं। सोशल मीडिया में यह भी लिखा गया कि निजी भूमि का पट्टा हुआ है। उसी में यह भूमि पूजन किया जा रहा है। यह भी लिखा कि भूमि पूजन के मौके पर कौन-कौन मौजूद रहे।

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