सीतापुर: शौचालय से हटवाई गई किराने की दुकान, सीडीओ बोले- होगी सख्त कार्रवाई
सीतापुर। लोकप्रिय हिन्दी दैनिक अखबार अमृत विचार में रविवार के अंक में “यहां सरकारी शौचालय में चलती है किराने की दुकान” शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सार्वजिनक शौचालय में किराने की दुकान संचालित होने के प्रकरण को प्रशासन बेहद गंभीरता से लिया है। खबर प्रकाशन के बाद …
सीतापुर। लोकप्रिय हिन्दी दैनिक अखबार अमृत विचार में रविवार के अंक में “यहां सरकारी शौचालय में चलती है किराने की दुकान” शीर्षक से प्रकाशित खबर के बाद प्रशासन ने कार्रवाई शुरू कर दी है। सार्वजिनक शौचालय में किराने की दुकान संचालित होने के प्रकरण को प्रशासन बेहद गंभीरता से लिया है। खबर प्रकाशन के बाद रविवार को ही तत्काल प्रभाव से सार्वजनिक शौचालय में चल रही किराने की दुकान को बंद करा दिया गया है। साथ ही उसमें अधूरा पड़ा निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। माना जा रहा है कि इस गंभीर प्रकरण में तत्कालीन प्रधान व पंचायत सचिव के खिलाफ भी कार्रवाई हो सकती है। सीडीओ ने बीडीओ ने इस प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट तलब कर ली है।
जानकारी हो कि सकरन ब्लाक क्षेत्र के तारपारा गांव में स्वच्छ भारत मिशन के तहत एक सार्वजनिक शौचालय बनना था। तत्कालीन ग्राम प्रधान इस्लामुददीन गौरी व पंचायत सचिव रविशंकर ने यह शौचालय सरकारी जमीन पर न बना कर गांव के ही मोहनलाल की जमीन पर बनवा दिया था। इन लोगों ने मोहन लाल को लालच दिया था कि उसकी जमीन पर शौचालय बनाने के बाद उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी व हर महीने जमीन का किराया भी दिया जाएगा। जिसके चलते मोहन लाल के हामी भरने के बाद उसकी जमीन पर सार्वजनिक शौचालय का निर्माण करा दिया था।
बाद में जब मोहन लाल से किए गए वादे पूरे नहीं हुए तो उसने शौचालय में ही कब्जा करने के बाद किराने की दुकान खोल ली थी। सरकारी शौचालय में किराने की दुकान खुलने का प्रकरण संज्ञान में आने के बाद अमृत विचार ने इस गड़बड़ी की खबर प्रमुखता से प्रकाशित की। जिसके बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू करा दी है। इस बारे में सीडीओ अक्षत वर्मा ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है। बीडीओ को जांच दी गई है। जांच रिपोर्ट आते ही कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीण की जमीन पर सार्वजनिक शौचालय बनने के सवाल पर सीडीओ ने कहा कि यदि ऐसा है तो यह प्रकरण और भी गंभीर है।
जमीन को लेकर एसडीएम से रिपोर्ट मंगाई जाएगी। यदि ऐसा है तो रिकवरी व अन्य कार्रवाई भी की जाएगी। हालांकि ब्लाक स्तर से आज ही कार्रवाई शुरू हो गई। ब्लाक से पहुंचे विभागीय जिम्मेदारों ने शौचालय में चल रही दुकान को हटवा दिया है। साथ ही उसमें अधूरा पड़ा निर्माण कार्य भी शुरू करा दिया गया है। इस संबध में खंड विकास अधिकारी रजनीश कुमार ने बताया कि शौचालय से दुकान हटवा दी गई है। मामले की जांच कराई जाएगी। जांच में दाेषी पाए जाने पर संबंधित लोगाें के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
दुकानदार बोला, हमे नौकरी दी जाए, या जमीन के रुपए
सकरन के तारपारा गांव के जिस मोहन लाल के खेत में नियमों की अनदेखी कर शौचालय बनवा दिया गया था, वो मोहन लाल अब परेशान है। उसका कहना है कि ब्लाक से आए विभागीय जिम्मेदारों ने उसकी दुकान हटवा दी है। उसने शौचालय की जमीन की कोई लिखापढ़ी नहीं की थी। या तो उसके परिवार के एक सदस्य को नौकरी दी जाए, या फिर उसकी जमीन की दो लाख रुपए कीमत अदा की जाए। वरन् उसकी जमीन से शौचालय हटाया जाए।
तो जांच में फंसेंगे कई और लोग
सकरन के तारपारा गांव में सार्वजनिक शौचालय निर्माण में तत्कालीन प्रधान व पंचायत सचिव द्वारा किए गए खेल में कुछ और लोग भी फंस सकते हैं। सूत्रों का कहना है कि इस अर्धनिर्मित शौचालय को निर्मित दिखा कर उसे एपीजे अब्दुल कलाम स्वयं सहायता समूह की सुपुर्दगी में दे दिया गया है। इस समूह की अध्यक्ष प्रधान की पुत्री शाहीन है। समूह का फर्जी बिल लगा कर शौचालय रखरखाव के नाम पर 27 हजार रुपए भी निकाल लिए गए हैं।
