मुरादाबाद: रोस्टर के तहत कैंप लगाकर नगर निगम ने शुरू की वसूली
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना काल में घाटे से जूझ रहे नगर निगम के निजाम ने आय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। निगम की अफसरों की नजरें बकाया वसूली पर टिकी हुई हैं। करीब 29 करोड़ के सापेक्ष अभी तक 12 करोड़ रुपए की भी वसूली नहीं हो सकी है। लिहाजा वसूली के लिए …
मुरादाबाद, अमृत विचार। कोरोना काल में घाटे से जूझ रहे नगर निगम के निजाम ने आय बढ़ाने की कवायद तेज कर दी है। निगम की अफसरों की नजरें बकाया वसूली पर टिकी हुई हैं। करीब 29 करोड़ के सापेक्ष अभी तक 12 करोड़ रुपए की भी वसूली नहीं हो सकी है। लिहाजा वसूली के लिए अफसरों ने रोस्टर के तहत कर जमा करने के लिए कैंप लगाया जा रहा है। सोमवार को वार्ड सात व 21 में कैंप का शुभारंभ भी कर दिया गया। वहीं कैंप के दौरान नगर निगम कर्मियों ने घूम-घूमकर लोगों को कर जमा करने के लिए भी जागरुक भी किया।
नगर निगम की आय का मुख्य श्रोत गृह व जलकर होता है। इसी रकम से महानगर का विकास कार्यो का खाका तैयार किया जाता है। इसके अलावा शासन की ओर से चल रही योजनाओं के लिए अलग से बजट मंजूर होता है। वसूली का बाकायदा हर साल निगम अफसरों को लक्ष्य दिया जाता है। लेकिन मौजूदा समय में नगर निगम की हालत काफी खराब चल रही है। कोरोना के कारण वसूली की रफ्तार काफी सुस्त है। इसके अलावा सरकारी विभाग भी लंबे समय से कर का भुगतान करने में लापरवाही बरत रहे हैं। इधर कोरोना से राहत मिलने के बाद एक बार फिर निगम अफसरों ने वसूली अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं।
इस वर्ष 29 करोड़ की वसूली का है लक्ष्य
इस बार भी निगम अफसरों को करीब 29 करोड़ का लक्ष्य दिया गया है। वसूली के लिए रिमाइंडर जारी करने के साथ ही सीलिंग तक की कार्रवाई का प्रावधान है। हालांकि तमाम प्रयासों के बाद भी शायद ही कोई साल होता होगा, जब अफसर शत-प्रतिशत वसूली करने में सफल होते हो। इसकी वजह है कि अधिकतर सरकारी विभाग सालों से निगम के भुगतान में कुंडली मारे बैठे हैं।
जिसमें केंद्र व प्रदेश सरकार दोनों के विभाग हैं। नियमानुसार प्रदेश सरकार के कार्यालयों से गृहकर व जलकर वसूला जाता है। जबकि केंद्र सरकार के कार्यालयों से सेवा प्रभार लिया जाता है। अब आपको जानकार हैरानी होगी कि नगर निगम का सरकारी कार्यालयों पर 109835417 रुपया सालों से बकाया है। कई बार रिमाइंडर देने के बाद भी भुगतान नहीं हो पा रहा है। केवल बिजली विभाग पर निगम का करीब 59687207 रुपया बकाया है।
1.29 लाख घरों से वसूला जाता है कर
नगर निगम के रिकार्ड के अनुसार महानगर में करीब दो लाख भवन है। जिसमें से 1.29 लाख भवन स्वामियों से कर वसूला जाता है। हाल ही में 1257 भवनों में कर लगाया गया है। कोरोना के कारण हजारों भवन स्वामी आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण कर जमा नहीं कर पाए हैं। अब जिला कोरोना मुक्त होने के बाद निगम अफसरों ने कर वसूली के लिए अभियान चलाने की तैयारी की है। स्थानीय पार्षदों के साथ मिलकर हर वार्ड में कर वसूली के लिए कैंप लगाने की तैयारी की गई थी। इसके तहत सोमवार से रोस्टर के तहत हर वार्ड में कैंप लगाने शुरू कर दिए गए। सोमवार को वार्ड सात व 21 में कैंप लगाकर कर वसूली की गई। इसके अलावा वार्ड में घूमकर निगम कर्मियों ने दस प्रतिशत छूट की जानकारी देते हुए समय से कर जमा करने की अपील की।
पार्षद के साथ मिलकर हर वार्ड में कैंप लगाने शुरू कर दिए गए हैं। दस प्रतिशत की कर में छूट भी दी जा रही है। प्रयास किया जा रहा है कि महानगर वासी बिना किसी मुश्किल के अधिक से अधिक कर जमा कर सकें। अनिल कुमार सिंह-अपर नगर आयुक्त
