बरेली: तीन महीनों तक सिलेबस से नहीं पढ़ेंगे कक्षा एक के बच्चे, ‘स्कूल रेडिनेस’ बढ़ाएगा ज्ञान
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बाद अब जब स्कूल खुले तो कक्षा एक के छात्रों को सिलेबस से पढ़ाई कराने पर रोक लगा दी गई है। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण काल में बच्चे पढ़ाई करना बिल्कुल भूल चुके है। उन्हें भले ही अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है लेकिन वह …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण के बाद अब जब स्कूल खुले तो कक्षा एक के छात्रों को सिलेबस से पढ़ाई कराने पर रोक लगा दी गई है। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण काल में बच्चे पढ़ाई करना बिल्कुल भूल चुके है। उन्हें भले ही अगली कक्षा में प्रमोट किया गया है लेकिन वह पिछली कक्षाओं के बारे में उन्हें ज्ञान नहीं है। इसलिए अब शासन ने कक्षा के एक बच्चों के लिए ‘स्कूल रेडिनेस’ कार्याक्रम शुरू किया है। इसके लिए जिला स्तर पर प्रशिक्षण पूरा हो चुका है।अब ब्लॉक स्तर पर यह कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इसके बाद अक्टूबर माह से बच्चों की तीन महीनें की पढ़ाई पर पूरी तरह से रोक लगा दी जाएगी।
क्या है यह स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम
एसआरजी डॉ. लक्ष्मी शुक्ला ने बताया कि लगातार स्कूल बंद रहने से बच्चों की पढ़ाई पर खासा असर पड़ा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर भी बच्चों को सीखने का मौका नहीं मिल सका। ऐसे में अब बच्चों को किताबी ज्ञान देने से पहले ही उन्हें खेल-खेल में भाषा और गणित का ज्ञान दिया जाएगा। कक्षा एक के सभी बच्चों को खेल अधारित शिक्षा ही दी जाएगी। तीन महीनों तक सभी स्कूलों में यह कार्यक्रम संचालित होगा। इसके बाद ही उन्हें किताबों से पढ़ाई करना शुरू किया जाएगा। जिससे बच्चे पढ़ाई को और आनंद पूर्ण तरीके से कर सके।
ब्लॉक स्तर की सभी न्याय पंचायतों से लिया गया एक शिक्षक
लक्ष्मी शुक्ला बताती है कि मास्टर ट्रेनर के रूप में अब वह ब्लॉक स्तर पर हर एक न्याय पंचायत से एक शिक्षक को चुनकर उसे ट्रेनिंग देंगी। इसके बाद यह शिक्षक अपनी-अपनी न्याय पंचायत के सभी स्कूलों में कक्षा एक के शिक्षकों को यह ट्रेनिंग देंगे। बताया जा रहा है कि यह ट्रेनिंग सितंबर के आखिरी सप्ताह या अक्टूबर के पहले सप्ताह में ही पूरी हो जाएगी। उसके बच्चों के लिए इस कार्यक्रम के तहत पढ़ाना शुरू किया जाएगा।
नई शिक्षा नीति के तहत यह होनी चाहिए दक्षता
नई शिक्षा नीति के तहत कक्षा एक के बच्चे को भाषा के शब्दों की सूची में से कम से कम पांच शब्दों को पहचानना आना चाहिए। इन शब्दों में मात्रा वाले शब्द भी शामिल हो। गणित में कम से कम 99 तक गिनती आनी चाहिए। कहानियों को तेज आवाज में बोल सके। इन्हीं सब के लिए शासन की तरफ से स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम को शुरू किया गया है।
