बरेली: पहली बारिश का बहाव झेल नहीं पाया मैकेनियर रोड का नाला
बरेली, अमृत विचार। मैकेनियर रोड पर धर्मकांटा चौराहा से मूर्ति नर्सिंग होम चौराहा की ओर सड़क किनारे बनाया गया नाला बारिश के पानी का तेज बहाव नहीं झेल पाया। इसकी दीवार गिर जाने से उसके निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में मानक के अनुरूप …
बरेली, अमृत विचार। मैकेनियर रोड पर धर्मकांटा चौराहा से मूर्ति नर्सिंग होम चौराहा की ओर सड़क किनारे बनाया गया नाला बारिश के पानी का तेज बहाव नहीं झेल पाया। इसकी दीवार गिर जाने से उसके निर्माण कार्य पर सवाल खड़े हो रहे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि नाला निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का प्रयोग न किए जाने से दीवार काफी कमजोर बनी थी। बुधवार को हुई मूसलाधार बारिश से नाले में तेज बहाव के चलते नाले की दीवार टूट कर गिर गई।
धर्मकांटा चौराहे से प्रेमनगर थाना के सामने से होते हुए मूर्ति नर्सिंग होम तक सड़क चौड़ीकरण का काम करीब चार साल पहले स्वीकृत किया था लेकिन किसी ने किसी वजह से इस रोड का काम लटक गया। बीडीए ने वर्ष 2017 में रोड के चौड़ीकरण की योजना बनाई थी। रोड किनारे नाला निर्माण भी कराया गया। बुधवार को हुई तेज बारिश ने नाले की गुणवत्ता की हकीकत सामने दिखा दी।
नाले को चंद दिनों बने हुए बीते हैं। पानी की निकासी भी शुरू नहीं हो पाई नाला की दीवार गिर गई। आरोप है कि इंजीनियरों ने मौके पर अब तक इसका निरीक्षण भी नहीं किया है। हालांकि बाद में इसकी सूचना आते ही कार्रवाई के डर से बीडीए के अभियंताओं ने नाले की गिरी दीवार को ठेकेदार से हटाने के निर्देश दे दिए।
उधर, नगर निगम मढ़ीनाथ रोड पर नाला का निर्माण करा रहा है। बुधवार को बारिश ने नाला निर्माण की गुणवत्ता की सच्चाई सामने ला दी। नाला पूरी तरह बना भी नहीं कि ईंटों पर लगी सामग्री बारिश के पानी में बह गई। बताते हैं कि इंजीनियरों ने अधिकारियों को इसकी भनक नहीं लगने दी है।
निर्माण में पीली ईंटों का इस्तेमाल करने का सामने आ चुका है मामला
अभी फरवरी में प्रेमनगर की मैकनियर रोड किनारे बनाया गये नाले के निर्माण से पहले तमाम बड़ी गड़बड़ी पकड़ी गई थी। बीडीए उपाध्यक्ष जोगिंदर सिंह ने निर्माण कार्य का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण में नाले में पीली ईंट लगती मिली थी। उपाध्यक्ष ने दो अभियंताओं से स्पष्टीकरण तलब किया था और ठेकेदार पर कार्रवाई करने के लिए इंजीनियरों को निर्देश दिए थे। इसके बाद भी नाला निर्माण में घटिया सामग्री लगाई गई। इससे साफ है कि अभियंताओं और ठेकेदारों के गठजोड़ के आगे अफसरों के निर्देश भी फीके पड़ रहे हैं।
इस रोड पर जहां भी नाला क्षतिग्रस्त हुआ है, उनकी मरम्मत का काम कराया जाएगा। बीडीए यहां रोड चौड़ीकरण का काम करा रहा है। -राजीव दीक्षित, अधीक्षण अभियंता, बीडीए
