पितरों की सुधि से सबका कल्याण होगा: राम बालक दास त्यागी
कुशीनगर। जिले के जोकवा बाजार सरैया महंथपट्टी स्थित डोकरी घाट कुटी पर स्व. स्वामी पृथवीपाल गिरि जी महाराज और स्व. स्वामी सुदामा गिरि जी महाराज के पुण्यतिथि पर उनके पैत्रिक गांव और समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा व भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के मुख्य अतिथि राम बालकदास त्यागी व विशिष्ट अतिथि …
कुशीनगर। जिले के जोकवा बाजार सरैया महंथपट्टी स्थित डोकरी घाट कुटी पर स्व. स्वामी पृथवीपाल गिरि जी महाराज और स्व. स्वामी सुदामा गिरि जी महाराज के पुण्यतिथि पर उनके पैत्रिक गांव और समाधि स्थल पर श्रद्धांजलि सभा व भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। श्रद्धांजलि सभा के मुख्य अतिथि राम बालकदास त्यागी व विशिष्ट अतिथि गुरु गोरक्षनाथ गोस्वामी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष दिवाकर उर्फ मुन्ना व संयोजक सलील गिरी रहे।
कार्यक्रम की अध्यक्षता महंथ राजकुमार गिरि संचालन पंडित पुरुषोत्तम गिरि शास्त्री ने किया। शुक्रवार को आयोजित श्रद्धांजलि समारोह में उपस्थित समस्त अतिथिगण स्व. स्वामी जी के समाधि और चित्र पर पुष्पंजली कर श्रद्धांजलि अर्पित किए। स्वामी जी के पुत्र मुंद्रीक गिरि की ओर से अतिथिगण को माल्यार्पण और अंगवस्त्र से सम्मानित किया।
वहीं, मुख्य अतिथि संत रामबालक दास त्यागी ने स्वामी जी के जीवन चरित्र को विस्तार से बताते हुए कहा कि पितरों का जो सुधि नहीं लेता है, उसका कल्याण ईश्वर भी नहीं करते हैं। इसके साथ ही गुरु गोरक्षनाथ गोस्वामी महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष दिवाकर गिरी ने कहा कि स्वामी जी सनातन धर्म के प्रचार प्रसार कर समाज को एकजुट किया। राष्ट्रीय संयोजक सलील गिरी ने कहा कि गोस्वामियों की पहचान मठ मंदिरों से है, जो हमेशा लोगों को ज्ञान दिया।
इसके अलावा डॉ गौरव भारती ने कहा कि स्वामी जी की असली श्रद्धांजलि तब होगी जब प्रत्येक गोस्वामी समाज के सदस्य जब अपनी चिंता के साथ सभ्य और सुसज्जित समाज व देश की चिंता संस्कारी तरीको से करना प्ररभ कर देंगे। पुरुषोत्तम गिरि शास्त्री ने कहा कि स्व स्वामी जी दिव्य संत थे। साथ ही जिलाध्यक्ष रामबृक्ष गिरी ने कहा कि आज समाज में भटकाव और केवल अपने बारे में सोचते हैं, जबकि स्वामी जी सभी कल्याण के लिए कार्य किए। इस दौरान सत्यनारायण गिरी, सुरेन्द्र गिरी, देवानंद गिरी, अमरेन्द्र पुरी सहित सैकड़ों गोस्वामी समाज के लोग उपस्थित रहे।
