बरेली: व्यापारी से 10 लाख की ठगी, मित्तल ह्युंडई के मालिक व स्टाफ पर रिपोर्ट
बरेली, अमृत विचार। पुणे स्थित एक मोटर कंपनी शोरूम के मालिक, एरिया मैनेजर व स्टाफ कर्मचारियों ने मिलकर बरेली के व्यापारी से लाखों की ठगी कर ली। साथ ही सस्ते दामों में दी गई गाड़ियां भी आरटीओ में सूचना देकर ब्लैक लिस्ट करवा दीं। इसके अलावा व्यापारी को झूठे आरोपों में फंसाकर रिपोर्ट दर्ज कराने …
बरेली, अमृत विचार। पुणे स्थित एक मोटर कंपनी शोरूम के मालिक, एरिया मैनेजर व स्टाफ कर्मचारियों ने मिलकर बरेली के व्यापारी से लाखों की ठगी कर ली। साथ ही सस्ते दामों में दी गई गाड़ियां भी आरटीओ में सूचना देकर ब्लैक लिस्ट करवा दीं। इसके अलावा व्यापारी को झूठे आरोपों में फंसाकर रिपोर्ट दर्ज कराने की धमकी दे डाली। अपने साथ हुई लाखों की ठगी की शिकायत व्यापारी वशर कुरैशी ने एसएसपी से की। एसएसपी के आदेश पर किला पुलिस ने शुक्रवार की रात नवदीप, सनी, ज्योति व तीन अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
किला पुल के पास स्थित जील मोटर्स के प्रोपराइटर वशीर कुरैशी ने बताया कि उनका नई-पुरानी गाड़ियां बेचने, कारों की सर्विस व रिपेयरिंग करने का काम है। कुछ समय पहले उनकी मुलाकात नवदीप नाम के व्यक्ति से हुई थी। नवदीप ने खुद को पुणे स्थित मित्तल एक नामी मोटर कंपनी के शोरूम का एरिया मैनेजर बताया। वशर ने बताया कि उसके किसी ग्राहक को क्रेटा कार खरीदनी थी। इसके लिए उन्होंने नवदीप से बातचीत की तो उसने कम दाम पर गाड़ी दिलाने का आश्वासन दिया।
नवदीप ने कार के फोटो व जानकारी वशीर के व्हाट्सएप पर शेयर किए। रकम में बड़ी छूट का लालच देखकर व्यापारी व उसके ग्राहक ने एक आई-20 कार व ब्रीजा कार लेने के लिए हामी भर ली। जिसके लिए पहले पांच हजार रुपये खाते में भेजे। व्यापारी जब गाड़ी देखने पुणे गया, वहां आरोपियों द्वारा आधे शटर के साथ बंद शोरूम कर्मचारी बनकर शनी नाम के व्यक्ति ने कारें दिखाईं। फोटो में होने वाली गाड़ी वास्तविकता में देखने पर व्यापारी को यकीन हो गया और उसने सौदा पक्का कर लिया। इसके बाद गाड़ियों की कोटेशन मांगते हुए 10 लाख का भुगतान आरोपियों को कर दिया।
नवदीप ने व्यापारी को भुगतान की रसीदें भी मुहैया करा दीं। शहर वापस आने के बाद व्यापारी ने गाड़ी को ज्यादा रकम में ग्राहकों को बेच दिया। व्यापारी वशर कुरैशी ने करीब 38 लाख की गाड़ियां और भी बुक करा दीं। उसने बताया कि कुछ समय बाद आरटीओ को सूचना देकर एक गाड़ी ब्लैक लिस्ट करवा दी गई। कुछ दिन बाद ही शोरूम की महाप्रबंधक बनकर ज्योति नाम की महिला ने फोन किया और गाड़ियों की बिक्री के बारे में जानकारी न होने की बात कहते हुए चोरी की रिपोर्ट दर्ज करवाने की धमकी दे डाली।
जिसके बाद व्यापारी को अपने साथ हुई धोखाधड़ी का पता चला। सभी आरोपियों ने मिलकर पहले आर्मी कोटे पर गाड़ियां बुक की लेकिन रुपयों के आपसी बंटवारे को लेकर विवाद के चलते गाड़ियों का रजिस्ट्रेशन नहीं कराया। साथ ही उससे 10 लाख रुपये भी ठग लिए।
