बरेली: गुलाबबाड़ी शमशान भूमि ट्रस्ट समिति की कार्यकारिणी में हंगामा

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बरेली, अमृत विचार। गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट समिति की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक काफी हंगामेदार रही। आय-व्यय और निर्माण कार्यों को लटकाने समेत अन्य मुद्दों का मामला छिड़ा तो सदस्यों में टकराव जैसी स्थिति हो गयी। सदस्यों में बिखराव दिखने पर काफी देर तक नोकझोंक भी चली। इस दौरान एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए …

बरेली, अमृत विचार। गुलाबबाड़ी श्मशान भूमि ट्रस्ट समिति की कार्यकारिणी की महत्वपूर्ण बैठक काफी हंगामेदार रही। आय-व्यय और निर्माण कार्यों को लटकाने समेत अन्य मुद्दों का मामला छिड़ा तो सदस्यों में टकराव जैसी स्थिति हो गयी। सदस्यों में बिखराव दिखने पर काफी देर तक नोकझोंक भी चली। इस दौरान एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप भी लगाए गए। शमशान भूमि के कार्यकारी अध्यक्ष छंगामल मौर्य ने कार्यकारिणी के सदस्यों से एकमत होकर निर्माण कार्य कराने पर जोर दिया।

अध्यक्ष छंगामल मौर्य की अध्यक्षता में रविवार को श्मशान भूमि कार्यालय पर बैठक हुई। जिसमें विकास कार्यों पर चर्चा, श्मशान के लेखा-जोखा पर विचार, कोरोना के अनुभव, श्मशान में दसवां ग्रह का मुद्दा, गेट के सौंदर्यकरण समेत अन्य मुद्दों पर तर्क-पूर्ण के साथ गरमा-गरम सकारात्मक बहस चली।

कुछ मुद्दों पर पक्ष और विपक्ष के सदस्यों में सकारात्मक चर्चा भी हुई। इस दौरान छंगामल मौर्य ने कहा कि श्मशान भूमि के विकास के लिए हम सब, नगर निगम और जनप्रतिनिधियों भी कई तरह से योगदान दे रहे हैं। कुछ मुद्दे जैसे दसवांघर का निर्माण व गेट के सौंदर्यकरण हमारी प्राथमिकताओं में से एक है। इस पर अनावश्यक तर्क वितर्क उचित नहीं है। बताया कि चहारदीवारी के बाद अब साइड की सड़क के लिए भी 7 लाख रुपये नगर निगम ने स्वीकृत कर दिए हैं।

बैठक में उपाध्यक्ष तोताराम ने अब तक के विकास कार्यों को गिनाते हुए कहा कि हम सब को अंतता यहीं पर आना है। पूरी ईमानदारी और निष्ठा से अपनी जिम्मेदारी निभाएं और हर संभव सहयोग करें। परिसर प्रभारी गिरीश चंद्र सिन्हा ने अपनी पीड़ा बताई कि कोई सदस्य सेवाभाव से कोरोना काल में नहीं जुड़ सका।

बैठक में मंत्री अनिल कुमार सक्सेना ने कहा कि मुद्दों को जोरशोर से उठाया जाना अनुचित नहीं है लेकिन बैठक में अनुशासन की सीमा लांघना भी ठीक नहीं है। भविष्य में ऐसा दुस्साहस किसी भी सदस्य को नहीं करना चाहिए। बैठक में आय-व्यय निरीक्षक दयाशंकर वर्मा ने वर्षों से अर्द्धनिर्मित गेट व उसके सौंदर्यकरण को लेकर चर्चा की। टोकाटाकी के बीच वे भड़क गए और उन्होंने कहा कि जिसने अपने दान से गेट बनवाया है और 10 वर्षों से सौंदर्यीकरण को लटकाए हुए हैं, यदि वे शीघ्र ही उसे पूर्ण नहीं कराते हैं तो मेरे पास गेट के सौंदर्यकरण का विकल्प तैयार है।

बैठक का संचालन महामंत्री दिनेश दद्दा एडवोकेट ने किया। बैठक में संरक्षक रावेन्द्र प्रसाद गुप्ता, प्रोफेसर आरके वैश्य, पार्षद पति डॉ नवल किशोर, राम मूर्ति मौर्य, राज बहादुर सक्सेना, प्रथमेश गुप्ता, उदय प्रकाश गुप्ता, दिग्विजय नाथ शर्मा, संगठन मंत्री चरणदास अदलखा, प्रचार मंत्री योगेश कनौजिया, कानूनी सलाहकार अरुण कुमार सक्सेना, भगवान दास गुरनानी आदि ने विचार व्यक्त किए।

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