पीलीभीत: पौत्र ही निकला वृद्धा नत्थो देवी का हत्यारा, गिरफ्तार कर भेजा जेल

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

पीलीभीत,अमृत विचार। जेवर और नकदी लूटने के बाद वृद्धा नत्थो देवी की उसके ही पौत्र ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव काे सड़ा नदी पुल अंडरपास के पास गड्ढा खोदकर दफन कर दिया था। बेटे की ओर से दर्ज कराई गई गुमशुदगी की जांच करते हुए पुलिस ने भतीजे को हिरासत में लेकर …

पीलीभीत,अमृत विचार। जेवर और नकदी लूटने के बाद वृद्धा नत्थो देवी की उसके ही पौत्र ने गला दबाकर हत्या कर दी। इसके बाद शव काे सड़ा नदी पुल अंडरपास के पास गड्ढा खोदकर दफन कर दिया था। बेटे की ओर से दर्ज कराई गई गुमशुदगी की जांच करते हुए पुलिस ने भतीजे को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की तो हत्याकांड का खुलासा हो गया है। आरोपी की निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाए गए जेवर भी बरामद किए। उसके बाद गड्ढा खुदवाकर शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम को भेजा।

थाना गजरौला के गांव पचपेड़ा सुहास निवासी प्रमोद कुमार ने 13 सितंबर को थाना सुनगढ़ी में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसमें बताया था कि उसकी मां 52 वर्षीय नत्थो देवी रिश्तेदारी में पीलीभीत के मोहल्ला नई बस्ती गई थी।उसके बाद से लापता है। सुनगढ़ी पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर सुरागरसी शुरू कर दी।

इंस्पेक्टर श्रीकांत द्विवेदी, दरोगा संजीव कुमार टीम के साथ लग गए। महिला के लापता होने को लेकर कई रिश्तेदारों से सवाल-जवाब किए और सर्विलांस की मदद ली तो मामला हत्या की ओर इशारा कर गया। पुलिस ने सामने आए साक्ष्यों के बाद के आधार पर महिला के पौत्र दियोरिया कला कोतवाली क्षेत्र के दियोहना गांव निवासी विनोद वर्मा पुत्र ईश्वरी प्रसाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पहले तो वह टालमटोल करता रहा। मगर, सख्ती करते ही हत्या का जुर्म कबूल लिया। नकदी-जेवर के लालच में आकर उसने गला दबाकर हत्या कर दी थी। उसके बाद शव भी दफना दिया था। पुलिस ने शव और जेवर बरामद किए। उसके बाद आरोपी को सोमवार को चालान कर जेल भेज दिया है।

ये है दोनों पक्षों के बीच रिश्ता
मृतका नत्थो देवी का मायका दियोरिया कला कोतवाली क्षेत्र के गांव दियोहना पिपरिया का है। उसके सगे भाई भूपराम का बेटा ईश्वरी प्रसाद है। आरोपी विनोद मृतक के भतीजे ईश्वरी प्रसाद का ही बेटा है। विनोद का एक भाई सचिन चोरी के मामले में जेल में बंद है।

इस तरह अंजाम दी गई हत्या की वारदात
पुलिस के अनुसार 11 सितंबर को विनोद ने फोन करके अपनी दादी नत्थो देवी को फोन करके पीलीभीत बुला लिया था। उस रात मोहल्ला नई बस्ती में उन्हें लेकर अपनी बुआ अंजलि उर्फ गुड्डी के घर रूका।12 सितंबर की सुबह जेल में बंद अपने भाई से मिलाई करने गए। कोरोना की जांच रिपोर्ट न होने के कारण नत्थो देवी मिलाई नहीं कर सकी।

भाई से मिलाई करके वापस आने के बाद विनोद की नजर नत्थो देवी के पास रखे 12 हजार रुपये और करीब एक लाख कीमत के जेवरात पर गई।उसके बाद पिता और बुआ के इशारे पर विनोद ने हत्या की घटना को अंजाम दे डाला।वह दादी नत्थो देवी को बहाने से सड़ा नहर पुल अंडरपास के पास ले गया।

वहां गला दबाकर हत्या कर दी और जेवर-नकदी लूट लिया। बिजली विभाग की केबल बिछाने को गड्ढा खुदा हुआ था, उसी में शव डालकर मिट्टी से पाट दिया था। लूटा गया जेवर सरकारी अस्पताल रोड बरखेड़ा के पास झाड़ियों में छिपा दिया और नकदी साथ ले गया था। उधर, महिलरा के बेटे की ओर से गुमशुदगी दर्ज करा दी गई।

‘महिला की गुमशुदगी की जांच की गई तो मामला लूट और हत्या का निकला है। इस मामले में मुख्य आरोपी विनोद वर्मा को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। जेवरात भी बरामद हुए है।शव गड्ढे से निकलवाकर पोस्टमार्टम को भेज दिया है।’

  • सुनील दत्त, सीओ सिटी

यह भी पढ़े-

पीलीभीत: पर्यटन से लाखों रूपया कमाया, विश्व पर्यटन दिवस पर प्रोग्राम नहीं कराया

संबंधित समाचार