मुरादाबाद : शासन हुआ सख्त तो छिपकर कर रहे बाल विवाह
मुरादाबाद, अमृत विचार। बाल विवाह आज भी गुपचुप तरीके से जारी है। हाईटेक दौर में भी ग्रामीण आंचल से लेकर महानगनर तक में बाल विवाह के मामले सामने आ रहे हैं। शासन की सख्ती के बाद गुपचुप तरीके से बाल विवाह कराने के तमाम मामले मंडल में प्रकाश में आ चुके हैं। कुछ मामलों में …
मुरादाबाद, अमृत विचार। बाल विवाह आज भी गुपचुप तरीके से जारी है। हाईटेक दौर में भी ग्रामीण आंचल से लेकर महानगनर तक में बाल विवाह के मामले सामने आ रहे हैं। शासन की सख्ती के बाद गुपचुप तरीके से बाल विवाह कराने के तमाम मामले मंडल में प्रकाश में आ चुके हैं। कुछ मामलों में परिजनों की मजबूरी कहें या फिर बेबसी कि न चाहकर भी वह कानून तोड़ने के लिए मजबूर हो गए। एक साल में मंडल में बाल विवाह के 25 मामले सामने आए थे।
जिसमें से अधिकतर मामले कोरोना काल के दौरान लगे लाकउाउन में प्रकाश में आए। समय से सूचना मिलने पर 22 मामलों में टीम ने पहुंचकर विवाह को रुकवाया। जबकि तीन मामले पुलिस के हैंडओवर करदिए गए। इस दौरान टीम की परिजनों से काफी नोकझोंक भी हुई, नौबत हाथापाई तक भी पहुंची। मौजूदा समय में ग्रामीणों द्वारा इन मामलों की मानीटरिंग की जा रही है।
वैसे तो बाल विवाह अपराध है और रोकने के लिए शासन काफी सख्त है। बच्चों के मौलिक अधिकारों के हनन को रोकने के लिए शासन ने बड़े जिलों में चाइल्ड लाइन व जिला बाल विवाह निषेद्य के अलावा अन्य समितियों का गठन किया गया है। इसके बाद भी मुरादाबाद मंडल में चोरी-छुपे बाल विवाह के मामले सामने आ रहे है।
केस-1
तीन पहले मझोला थाना क्षेत्र के जवाहरनगर गांव में बाल विवाह की सूचना मिली। जिस पर चाइल्ड लाइन की टीम पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गई। जिस वक्त टीम पहुंची तो बाराती खाना खा रहे थे और निकाह की तैयारियां चल रही थी। साक्ष्य दिखाने पर दूल्हा तो बालिग निकला लेकिन दुल्हन की सही आयु के संबंध में परिजन कोई जानकारी नहीं दे सके। टीम ने सख्ती दिखाते हुए विवाह रुकवाने का प्रयास किया तो माहौल गर्मा गया। पुलिस ने सख्ती की तो वह बालिग होने पर विवाह करने के लिए राजी हो गए।
केस-2
चार माह पहले टीम ने पाकबड़ा थाना क्षेत्र में छापा मारा। टीम ने मौके पर पहुंचकर आयु संबंधी साक्ष्य मांगे तो परिजन बंगले झांकने लगे। दूल्हे बालिग निकला लेकिन दुल्हन नाबालिग थी। टीम ने विरोध किया तो परिजन विवाह न करने के लिए राजी हो गए, लेकिन मौका पाकर दुल्हन को लेकर निकल गए। अमरोहा देहात पुलिस को सूचना देकर सभी को हिरासत में करवाया। पुलिस ने सख्ती की तो वह लोग भी दुल्हन के बालिग होने तक विवाह न करने पर राजी हो गए।
यह है सजा का प्रावधान
21 वर्ष से कम उम्र के लड़के और 18 वर्ष से कम उम्र की लड़की के विवाह को गैरकानूनी अर्थात बाल विवाह की श्रेणी में रखा गया है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम, 2006 के अंतर्गत अगर कोई व्यक्ति पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी के पास यह शिकायत दर्ज कराता है तो इस स्थिति में पुलिस या बाल विवाह प्रतिषेध पदाधिकारी जांच कर इसे मजिस्ट्रेट के संज्ञान में लाएंगे। अभिषेक भटनागर,पूर्व महासचिव दि बार एसो. एंड लाइब्रेरी
एक साल में मुरादाबाद जिले में 19 सम्भल में दो व अमरोहा जिले में एक बाल विवाह की सूचना मिली। जिस पर टीम ने मौके पर जाकर सभी विवाह रुकवा दिए। इसके अलावा तीन मामले पुलिस के हैंडओवर कर दिए गए थे।मौजूदा समय में ग्रामीणों द्वारा मानीटरिंग भी की जा रही है। श्रद्धा शर्मा, सदस्य, जिला बाल विवाह निषेद्य समिति
