पीलीभीत: फीस और ड्रेस के रुपए को लेकर विवाद में बेटे और पौत्र के ऊपर डाला तेजाब
पीलीभीत, अमृत विचार। स्कूल फीस और ड्रेस के रुपये मांगने पर हुए मामूली पारिवारिक विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे और पौत्र पर तेजाब डाल दिया। नशे की हालत में उस वक्त हमला किया जब दोनों सो रहे थे। परिवार वालों ने झुलसी हालत में पिता-पुत्र को जिला अस्पताल भर्ती कराया। वहां उनका …
पीलीभीत, अमृत विचार। स्कूल फीस और ड्रेस के रुपये मांगने पर हुए मामूली पारिवारिक विवाद में एक व्यक्ति ने अपने ही बेटे और पौत्र पर तेजाब डाल दिया। नशे की हालत में उस वक्त हमला किया जब दोनों सो रहे थे। परिवार वालों ने झुलसी हालत में पिता-पुत्र को जिला अस्पताल भर्ती कराया। वहां उनका इलाज चल रहा है। दूसरे दिन घटना का शोर मचा तो पुलिस हरकत में आई। मामले की छानबीन शुरू कर दी गई है। पति की करतूत पर कार्रवाई कराने के लिए दादी आगे आई। उसके बाद एफआईआर दर्ज कर कार्रवाई की तैयारी है। फिलहाल घटना को लेकर पूरे गांव में हड़कंप मचा रहा।
न्यूरिया थाना क्षेत्र के ललपुरिया गांव निवासी शेर सिंह (38) और उसके बेटे 12 वर्षीय धर्मेंद्र को झुलसी हालत में जिला अस्पताल भर्ती कराया गया था। दोनों पर एसिड से हमला किया गया था। परिवार वालों की ओर से पुलिस को सूचना नहीं दी गई थी। मगर, जिला अस्पताल में भर्ती होने के बाद जब मेमो के जरिए सूचना पुलिस तक पहुंची तो खलबली मच गई। अधिकारियों ने भी एसिड अटैक के इस मामले को लेकर न्यूरिया पुलिस को पड़ताल करने के निर्देश दिए। फिर न्यूरिया इंस्पेक्टर जगत सिंह टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे। घायलों के हालचाल की जानकारी जुटाई। छानबीन के दौरान सामने आया कि दादा निरंजन ने ही अपने बेटे और पौत्र पर सोते वक्त तेजाब से हमला किया था।
घटना को अंजाम देते वक्त वह नशे की हालत में था। दादी कलावती ने पति की करतूत को खुल कर बयां किया और कानूनी कार्रवाई करने की भी मांग की। कारण को लेकर पुलिस ने सवाल-जवाब किए। उसमें पौत्र की स्कूल फीस और ड्रेस को लेकर हुआ विवाद मुख्य वजह निकलकर आया। इंस्पेक्टर न्यूरिया ने बताया कि इस मामले की जांच चल रही है। अभी तक की जांच में पता लगा है कि पौत्र धर्मेंद्र कक्षा छह का छात्र है।उसी की फीस को लेकर घर में विवाद हुआ था। उसी रात सोते वक्त तेजाब से पिता-पुत्र पर हमला कर दिया गया। सभी बिंदुओं पर पड़ताल कर रहे है।एफआईआर दर्ज करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महज 1000-1200 रुपये को लेकर था विवाद
ललपुरिया गांव में हुई घटना महज 1000-1200 रुपये को लेकर हुए विवाद में अपनों के ही हाथों अंजाम दे दी गई। बताते हैं कि पौत्र के सकूल की ड्रेस्र, फीस और किताबें आदि के लिए ही रुपये मांगे गए थे। दरअसल, दादा को नशे का आदी बताया गया है। वहीं परिवार की आर्थिक स्थिति भी कमजोर है। मगर, विवाद इतना भी नहीं था कि एक दादा अपने ही बेटे और पौत्र की जान का दुश्मन बन जाएं। फिलहाल अब आरोपी पर कानूनी शिकंजा कसा जा रहा है।
कई बार हो चुके तेजाब से हमले, पूर्व प्रधान गंवा चुके जान
तेजाब की बिक्री को लेकर तमाम नियम कानून बनाए जा चुके हैं। मगर, सख्ती सिर्फ कागजों तक ही सीमित है। पिछले साल मार्च में सुनगढ़ी क्षेत्र के जंगरौली पुल के पास ढाबा चलाने वाले बरखेड़ा के एक व्यक्ति पर सोते वक्त तेजाब डाला गया था। अज्ञात के खिलाफ एफआईआर सुनगढ़ी थाने में दर्ज कराई गई थी। साल 2019 में सुलह को जाते वक्त नौगवां पकड़िया गांव निवासी बुजुर्ग पर एसिड से हमला किया गया था। इससे पहले पूर्व नगराध्यक्ष बसपा नेता पर भी रुपये के लेनदेन को लेकर चल रहे विवाद में टनकपुर हाईवे पर निरंजन कुंज कॉलोनी के पास तेजाब डाला गया था।
साल 2017 में न्यूरिया की एक विवाहिता पर ससुराल वालों ने तेजाब डाला था। उस मामले में सुनवाई के बाद सजा भी सुनाई गई थी। 2018 में ही कोतवाली क्षेत्र की एक विवाहिता ने पुराने विवाद में पति पर पिचकारी से तेजाब डाल दिया था।वहीं आठ साल पहले 2013 में बीसलपुर के रसाया खानपुर गांव में पूर्व प्रधान की तेजाब के हमले में जान चली गई थी। कई दिन चले इलाज के बाद लखनऊ के अस्पताल में दम तोड़ दिया था। इन तमाम घटनाओं के बाद तेजाब की खुलेआम बिक्री पर सवाल उठे। सख्ती के दावे भी किए गए। मगर, कुछ दिन बाद ही हालात जस के तस हो गए। इस दिशा में कोई ध्यान नहीं दिया गया।
वर्जन –
घटना प्रकाश में आई है। इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। न्यूरिया पुलिस को पूरे मामले की पड़ताल कर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
– डॉ.पवित्र मोहन त्रिपाठी, एएसपी
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