रायबरेली: जांच टीम के सामने छलका गरीबों का दर्द, जानें क्या कहा?
रायबरेली। साहब, कोटेदार पहले अंगूठा लगवा लेता है फिर मनमाने तरीके से राशन का वितरण करता है। किसी को भी पूरा राशन नहीं मिलता है। यह दर्द क्षेत्र के आइमा जहानिया गांव के गरीबों का है जो शुक्रवार को गांव में जांच करने गई आपूर्ति विभाग की टीम के सामने ग्रामीणों ने बयां किया। गांव …
रायबरेली। साहब, कोटेदार पहले अंगूठा लगवा लेता है फिर मनमाने तरीके से राशन का वितरण करता है। किसी को भी पूरा राशन नहीं मिलता है। यह दर्द क्षेत्र के आइमा जहानिया गांव के गरीबों का है जो शुक्रवार को गांव में जांच करने गई आपूर्ति विभाग की टीम के सामने ग्रामीणों ने बयां किया। गांव में कोटेदार की मनमानी और भ्रष्टाचार की शिकायत ग्रामीणों ने उच्च अधिकारियों से की थी।
इस मामले में उच्चाधिकारियों ने जांच के लिए एक टीम गठित की जिसमे क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी अनिल कुमार , आपूर्ति निरीक्षक अविनाश पांडेय बांट व माप निरीक्षक संतोष तिवारी शुक्रवार को गांव पहुंचे थे। अधिकारियों की टीम ने जब ग्रामीणों से बात की तो परत दर परत कोटेदार की ऐसी पोल खुली कि अधिकारी भी दंग रह गए।
ग्रामीणों में अनूप कुमार, दशरथ लाल, शंकर लाल, रोहित कुमार, रामू, अशोक समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि किसी भी कोटेदार पूरा राशन नहीं देता है। एक दिन पहले कोटेदार अंगूठा लगवा लेता है, फिर दूसरे दिन मनमाने ढंग से तौल करके राशन दिया जाता है। यही नहीं राशन का मूल्य भी अधिक लिया जाता है। ग्रामीणों का कहना था कि यदि कोई कोटेदार के विरुद्ध कुछ बोलता है तो उसको धमकाया भी जाता है। कोटेदार का यह कृत्य वर्षों से चल रहा है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती है।
