सीतापुर: एक सड़क ऐसी, जहां से गुजरने में घबराते हैं पुलिस के जवान! जानें क्या?
सीतापुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के केंद्रीय आयुध भंडार, एपीटीसी, पीटीसी और 11 व 27वीं वाहिनी पीएसी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इस सड़क से दिन में निकलना तो कुछ आसान है, लेकिन रात को यह सड़क और भी खतरनाक हो जाती है। वजह यह है कि …
सीतापुर। उत्तर प्रदेश पुलिस के केंद्रीय आयुध भंडार, एपीटीसी, पीटीसी और 11 व 27वीं वाहिनी पीएसी को जिला मुख्यालय से जोड़ने वाली सड़क से गुजरना खतरे से खाली नहीं है। इस सड़क से दिन में निकलना तो कुछ आसान है, लेकिन रात को यह सड़क और भी खतरनाक हो जाती है। वजह यह है कि इस सड़क की वर्षों से मरम्मत नहीं हुई है। उससे बड़ी खास वजह यह है कि इस मार्ग पर स्थित 11वीं वाहिनी पीएसी के तालाब और एपीटीसी की बाउंड्रीवाल के बीच से गुजरी यह सड़क इतनी संकरी है, कि जरा सा धोखा खाकर कोई भी वाहन सहित तालाब में गिरकर हादसे का शिकार हो सकता है।
बात इतनी सी ही नहीं, बल्कि यह तालाब इतना गहरा है कि यदि रात-बिरात कोई अनियंत्रित होकर तालाब में गिरा तो डूब भी सकता है। सड़क संकरी होने के साथ ही इसमें गहरे गडढे भी हैं। तालाब के पास सड़क कट गई है। महज 20-22 फिट सड़क बची है। इस मार्ग से होकर हर रोज सैकड़ों पुलिस, पीएसी के जवान निकलते हैं। सिर्फ जवान ही नहीं, बल्कि लालकुर्ती, खमरिया, ओबरी सहित कई गांवों के सैकड़ों आम लोग भी निकलते हैं।
प्रदेश का सबसे शानदार माना जाने वाले 11वीं वाहिनी के गोल्फ कोर्स और फायरिंग रेंज पर जाने वाले जवान, अफसर भी इस मार्ग से गुजरते हैं। इन सबके लिए इस सड़क से गुजरना काफी मुश्किल होता है। इस तालाब के पास ही नहीं बल्कि पीएसी वाहिनी की अन्य सड़कें भी खस्ताहाल हैं। सभी सड़कों में इतने गहरे गडढे हैं कि यह पता ही नहीं चलता कि सड़क में गडढे हैं या फिर गड्ढों में सड़क बनी है।
पीएसी के एक अफसर कहते हैं कि करीब 15 वर्षो से पीएसी की सड़कों का यही हाल है। इन सड़कों को लेकर नगर पालिका भी कोई ध्यान नहीं दे रहा। प्रदेश स्तर के इन पुलिस संस्थानों में तैनात हजारों पुलिस कर्मी और उनके परिवारों को बड़ी मुश्किलाें का सामना करना पड़ता है, लेकिन जिम्मेदार कोई सुध नहीं ले रहे। प्रदेश सरकार ने सड़कों के गडढा मुक्त करने का ऐलान किया था, लेकिन फिर भी इन सड़कों पर जिम्मेदारों का रहमो-करम नहीं हुआ। क्षेत्रीय लोगों ने सड़कों को दुरुस्त कराने की मांग की है।
कई बार हो चुके हैं हादसे
मार्ग जर्जर होने व तालाब के पास सड़क संकरी होने के कारण कई बार हादसे में हो चुके हैं। लोग गिरकर चोटिल हो चुके हैं। रिक्शे, आटो अक्सर पलट जाने की सूचनाएं हैं। कई बार बड़ी गाड़ियां भी तालाब में गिरते-गिरते बची हैं। इस मार्ग से स्कूली बच्चे भी जाते हैं। उनके लिए भी खतरा बना रहता है।
इन मार्गो के साथ हो रहा सौतेला व्यवहार
पुलिस संस्थानों की इन सड़कों की मरम्मत और निर्माण को लेकर पालिका प्रशासन का सौतेला व्यवहार सा नजर आ रहा है। कुछ पुलिस सूत्रों का दावा है कि कुछ सड़कें नगर पालिका परिषद की हैं, इसके बाद भी नगर पालिका इन सड़कों को दुरुस्त कराने के बजाय इनके साथ सौतेला व्यवहार करता है। शायद पुलिस, पीएसी के जवानों को वोट बैंक न मानकर भी इस क्षेत्र की अनदेखी करने की वजह हो सकती है। हालांकि पुलिस संस्थानों के कुछ जिम्मेदारों का कहना है कि पीएसी के जवान वोट डालते हैं। इसके अलावा लालकुर्ती इलाका पालिका क्षेत्र में ही आता है। इसके बाद भी इन सड़कों को वर्षो से दुरुस्त नहीं कराया गया।
तालाब 11वीं वाहिनी पीएसी का है। रोड नगर पालिका का है। हाइवे से द्वतीय वाहिनी पीएसी के कमांडेंट आवास से होकर पीएसी वाहिनीयों, पीटीसी, एपीटीसी व केंद्रीय आयुध भंडार की ओर जाने वाला रोड खराब है। सबसे अधिक दिक्कत तालाब के पास है। यहां रोड कट गया है। उसे ठीक कराने की अत्यंत आवश्यकता है। रोड को ठीक कराने के लिए नगर पालिका परिषद सीतापुर को पत्र लिखा गया है…अखिलेश चौरसिया, कमांडेंट 11वीं वाहिनी पीएसी।
हमारे बटालियन का रास्ता भी खराब है। केंद्रीय आयुध भंडार, पीटीसी, गोल्फ कोर्स जाने वाली सड़क सहित वाहिनीयों के आसपास की सड़कें खराब हैं। इन्हें बन जाना चाहिए। तालाब के पास रोड काफी खराब है। तालाब 11वीं वाहिनी पीएसी का है। पूरी रोड कई सालों से खराब है। बड़े-बड़े गडढे हैं। 11वीं वाहिनी पीएसी ने सड़क ठीक कराने के लिए लेटर भेजा है। हमने भी लेटर बनवाया है… मनीराम, कमांडेंट द्वितीय वाहिनी पीएसी।
मेरे स्तर से जो भी संभव है। वह शीघ्र कार्य कराए जा रहे हैं। द्वितीय वाहिनी में भी काम हुए हैं। जहां तक आयुध भंडार जाने वाली सड़क की बात है तो हम इसको देखवा लेंगे। किस स्तर का काम है। उसके बाद ही कुछ हो सकता है…वैभव कृष्ण, ईओ नगर पालिका सीतापुर।
