महंत नरेंद्र गिरि केस में सुसाइड नोट को लेकर बड़ा खुलासा, राइटिंग एक्सपर्ट ने किया ये दावा
लखनऊ। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने ही अपना सुसाइड नोट लिखा था। राइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट से यह साफ हो गया है। इसके साथ ही उनके पढ़े लिखे न होने के संबंध में जो दावे किए जा रहे थे वह भी अब खारिज हो गए हैं। ऐसे में सीबीआई की …
लखनऊ। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेंद्र गिरि ने ही अपना सुसाइड नोट लिखा था। राइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट से यह साफ हो गया है। इसके साथ ही उनके पढ़े लिखे न होने के संबंध में जो दावे किए जा रहे थे वह भी अब खारिज हो गए हैं। ऐसे में सीबीआई की जांच की दशा अब इस ओर जा रही है कि आखिर उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर किसने किया और कैसे किया? इसके लिए सीबीआई टीम 123 संदिग्ध लोगों काे विभिन्न माध्यमों से ट्रेस कर रही है।
20 सितंबर को महंत नरेंद्र गिरि की मौत हो गई थी। इस हाईप्रोफाइल मामले की जांच सीबीआई कर रही है। पहला सवाल तो यही था कि मौके से बरामद सुसाइड नोट किसका है? क्योंकि महंत के शिष्य और मुख्य आरोपी आनंद गिरि का कहना था कि उनके गुरु कभी लिखते ही नहीं थे। ऐसे में फोरेंसिक टीम के राइटिंग एक्सपर्ट की रिपोर्ट ने यह साबित कर दिया कि सुसाइड नोट नरेंद्र गिरि का ही है। अब सीबीआई की शंका का मुख्य केंद्र आनंद गिरि हैं।
आनंद गिरि से महंत नरेंद्र गिरि के विवाद और उनके समझौते से जुड़े कई नाम भी सीबीआई जांच के दायरे में हैं। इसके अलावा पुजारी आद्या तिवारी और सेवादारों समेत करीब 123 लोग ऐसे हैं, जिनकी भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है। सीबीआई घटना के दिन और घटना के बाद की इनकी मोबाइल लोकेशन भी ट्रेस कर रही है। साथ ही इनके बीच हुई आपस की बातचीत का भी ब्यौरा जुटाया जा रहा है। इस मामले में सर्विलांस की भी मदद ली जा रही है।
कौन लाया बड़ी रकम
सूत्र बताते हैं कि नरेन्द्र गिरि की मौत से एक दिन पहले बांघबरी मठ में हरिद्वार से एक भारी भरकम रकम कैश में आई थी। यह रकम किसने भेजी और कैसे उसे लाया गया? इन सारे बिंदुओं की भी छानबीन हो रही है।
आरोपियों से आमने-सामने सवाल जवाब
शुक्रवार को सीबीआई तीनों आरोपी आनंद गिरि, आद्या तिवारी और संदीप तिवारी को आमने-सामने बैठाकर सवाल पूछे। हालांकि इस पूछताछ में सभी खुद को निर्दोष ही बताते रहे, लेकिन उनकी बातों में जो विरोधाभास निकला है। सीबीआई उसकी अलग से पड़ताल करेगी। ताकि पता चल सके कि झूठ किसने बोला।
