लखनऊ: इंटर में बिना परीक्षा पास, स्नातक की प्रवेश परीक्षा में फेल

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लखनऊ। इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, सीआईएसई बोर्ड के छात्रों को बिना परीक्षा के ही सरकार ने पास कर दिया है। लेकिन ये पास छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2021-22 की प्रवेश परीक्षा में फेल होते दिख रहे है। दरअसल इस बार विश्वविद्यालय में अलग-अलग …

लखनऊ। इस बार कोरोना संक्रमण के खतरे को देखते हुए इंटरमीडिएट यूपी बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड, सीआईएसई बोर्ड के छात्रों को बिना परीक्षा के ही सरकार ने पास कर दिया है। लेकिन ये पास छात्र लखनऊ विश्वविद्यालय के स्नातक सत्र 2021-22 की प्रवेश परीक्षा में फेल होते दिख रहे है। दरअसल इस बार विश्वविद्यालय में अलग-अलग पाठ्यक्रमों के बीए, बीएससी, बीकॉम की नौ हजार सीटों के लिए 73 हजार 84 आवेदन आये हैं।  उधर काउंसलिंग प्रक्रिया जारी है, इस संबध में विश्वविद्यालय के सत्र 2021-22 स्नातक प्रवेश परीक्षा समन्वयक प्रोफेसर पकंज माथुर ने बताया कि परीक्षा में शामिल हुए उन्ही छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा, जो मेरिट में होंगे।

इसमें एक रैंक से प्रोविजनल लिस्ट में शामिल सभी अभ्यर्थी बीते 22 से 25 सितंबर तक ऑनलाइन काउंसिलिंग करवा चुके हैं। इस संबंध में प्रवेश समन्वयक कहते हैं कि आवेदन के आकड़ों से साफ है कि नौ हजार सीटों के लिए 73 हजार 84 आवेदन आये हैं, इसमें सभी को प्रवेश मिलना नामुमकिन है। कुल मिलाकर इस बार 64 हजार 84 छात्रों को प्रवेश मिलना मुश्किल होगा। अगर इन छात्रों ने दूसरे विश्वविद्यालयों से आवेदन नहीं किया होगा तो सत्र भी बर्बाद हो सकता है, या दूरस्थ शिक्षा का सहारा लेना पड़ सकता है।

विकल्प में सीट न मिलने पर वापस होगी फीस

प्रवेश काउंसिलिंग में शामिल अभ्यर्थी को चॉइस फिलिंग के लिए 200 रुपये व एडवांस फीस के रूप में 500 देने थे, इस संबंध में विश्वविद्यालय की ओर से कहना है कि यदि अभ्यर्थी को उसके दिए गए विकल्पों में से कोई भी सीट आवंटित नहीं होती है तो उसकी एडवांस फीस वापस कर दी जाएगी। यदि अभ्यर्थी को उसके दिए गए विकल्पों में से कॉलेज आवंटित होता है तो यह एडवांस फीस शेष फीस में समायोजित कर दी जाएगी।

विश्वविद्यालय के अलावा कॉलेजों के भी विकल्प

प्रवेश काउंसिलिंग में विद्यार्थियों को लविवि के साथ-साथ कई सहयुक्त महाविद्यालयों में भी प्रवेश का अवसर मिलेगा। प्रवेश समन्वयक प्रो. पंकज माथुर ने बताया कि विद्यार्थी संबंधित कोर्स में विश्वविद्यालय या कॉलेजों का भी विकल्प दे सकते हैं। अभ्यर्थी की मेरिट व उसके विकल्प के आधार पर सीट का आवंटन किया जाएगा। उन्होंने बताया कि केंद्रीयकृत प्रवेश व्यवस्था में शामिल कॉलेजों की सूची व कोर्स के नाम भी वेबसाइट पर उपलब्ध है।

इस बार चार साल का होगा बीए

सत्र 2021 22 के स्नातक में नई शिक्षा नीति लागू करने की घोषणा की है। उसी के अनुसार प्रवेश लिया जायेगा। नई शिक्षा नीति के लागू होने से अब ग्रेजुएशन तीन की जगह चार साल का हो जायेगा। नई शिक्षा नीति के अनुसार बीए और बीएससी पाठ्यक्रमों में छात्रों के विषय आवंटन पर भी निर्णय लिया गया हैं। छात्रों को उनकी पसंद और योग्यता के आधार पर दो मुख्य और एक माइनर विषय आवंटित किया जायेगा।

इन कोर्सों में मिलेगा प्रवेश

— बीवोक
— बीजेएमसी
— बीएससी एग्रीकल्चर
— बीएलएड
— एलएलबी इंटीग्रेटेड (फाइव ईयर)
— बीसीए
— बीबीए
—बीएफए/बीवीए
—बीकॉम चार वर्षीय (एनईपी के अनुसार)
— बीकॉम ऑनर्स

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